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अमनाबाद में ‘खाकी’ की नाक के नीचे ‘हरे सोने’ की लूट; माफियाओं के आगे नतमस्तक हुआ तंत्र!

मुंडेरवा में कानून का कत्लेआम: सेटिंग के दम पर दहाड़ रही अवैध आरा मशीनें, अफसर मौन।

अजीत मिश्रा (खोजी)

🌳मुंडेरवा में ‘खाकी-खादी’ के संरक्षण में प्रकृति का कत्लेआम; अमनाबाद बनी लकड़ी माफियाओं की चारागाह🌳

  • खाकी-खादी का ‘कमीशन’ और अमनाबाद में विनाश का ‘मिशन’; क्या यही है जीरो टॉलरेंस?
  • योगी राज में माफियाओं की मौज! मुंडेरवा में सरकारी संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध लकड़ी का धंधा।
  • बड़ा सवाल: अमनाबाद के लकड़ी माफियाओं पर कब गरजेगा बाबा का बुल्डोजर?
  • साहब! कमीशन की पट्टी उतारिए, देखिए कैसे उजड़ रहे हैं मुंडेरवा के जंगल।
  • अमनाबाद में ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’: रसूखदारों की आरा मशीन, प्रशासन की मेहरबानी।
  • क्या मुंडेरवा पुलिस ने लकड़ी तस्करों के आगे डाल दिए हैं हथियार?

09 अप्रैल 26, उत्तर प्रदेश

बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक तरफ उत्तर प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए करोड़ों के पौधरोपण का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही विभाग के कारिंदे ‘हरे सोने’ की बलि चढ़ाने में मशगूल हैं। जनपद के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के अमनाबाद में इन दिनों कानून का इकबाल नहीं, बल्कि लकड़ी माफियाओं का ‘रसूख’ बोल रहा है। यहाँ धड़ल्ले से चल रही अवैध आरा मशीनें चीख-चीख कर प्रशासन की मिलीभगत की कहानी बयां कर रही हैं।

🌳सेटिंग के खेल में ‘मौन’ हुआ तंत्र

अमनाबाद में चल रहा यह काला कारोबार कोई चोरी-छिपे होने वाली घटना नहीं है। सूत्रों की मानें तो वन विभाग और स्थानीय पुलिस की ‘सेटिंग’ के दम पर यहाँ माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो कानून का खौफ है और न ही प्रशासन का। खाकी और खादी के गठजोड़ ने इन तस्करों को वह ‘कवच’ प्रदान कर रखा है, जिसके पीछे छिपकर वे हर रोज सैकड़ों हरे पेड़ों की बलि दे रहे हैं।

“सख्त आदेशों की फाइलें दफ्तरों की धूल फांक रही हैं, जबकि अमनाबाद में लकड़ी माफिया चांदी काट रहे हैं। आखिर किसकी शह पर प्रशासन ने अपनी आँखें मूंद ली हैं?”

🌳योगी सरकार के आदेशों को ठेंगा

उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री ने भू-माफियाओं और लकड़ी तस्करों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का निर्देश दिया था। लेकिन मुंडेरवा में इन आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय जनता में सिस्टम के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं।

👉बड़े सवाल जो जवाब मांगते हैं:

  • क्या अमनाबाद की यह अवैध मशीन किसी रसूखदार के कमीशन का केंद्र है?
  • आखिर क्यों शिकायतों के बाद भी प्रशासन इन माफियाओं पर मेहरबान है?
  • वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अपनी नाक के नीचे हो रहे इस विनाश पर ‘मौन सहमति’ क्यों साधे हुए हैं?

🌳बुल्डोजर के इंतजार में जनता

जनता अब पूछ रही है कि बड़े-बड़े दावों के बीच इन तस्करों के अवैध साम्राज्य पर बुल्डोजर कब चलेगा? अमनाबाद में विनाश का केंद्र बनी यह अवैध आरा मशीन न केवल पर्यावरण को क्षति पहुँचा रही है, बल्कि सरकारी तंत्र की साख पर भी गहरा धब्बा है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस ‘काले धंधे’ पर लगाम लगाता है या फिर कमीशन का यह खेल यूँ ही बदस्तूर जारी रहेगा।

बस्ती से ब्यूरो रिपोर्ट।

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