

निवाड़ी। जिले में पतंगबाजी के दौरान चायनीज धागे (चायना मांझा) के उपयोग से पक्षियों एवं आमजन को हो रही गंभीर क्षति को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती जमुना भिडे द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।मीडिया एवं जनसामान्य द्वारा यह तथ्य संज्ञान में लाया गया कि पतंगबाजी में प्रयुक्त चायनीज मांझे से पक्षी बड़ी संख्या में घायल हो रहे हैं, कई बार उनके गले और पंख फंसने से मृत्यु तक हो जाती है। इसके अतिरिक्त सड़क पर चलने वाले राहगीर, दोपहिया वाहन चालक एवं बच्चे भी इस खतरनाक धागे से घायल हो रहे हैं, जिससे जनसुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
आगामी मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए, जब जिले में बड़ी संख्या में पतंगबाजी की जाती है, प्रशासन ने जनहित, जानमाल की सुरक्षा एवं लोक शांति बनाए रखने हेतु यह निर्णय लिया है।
क्या रहेगा प्रतिबंधित
कलेक्टर के आदेशानुसार—
निवाड़ी जिले की राजस्व सीमा में चायनीज मांझे का पतंगबाजी में उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
चायनीज मांझे का भंडारण एवं विक्रय भी प्रतिबंधित किया गया है।
एक पक्षीय आदेश
चूंकि यह आदेश जनसाधारण की सुरक्षा हेतु तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना आवश्यक था, इसलिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत इसे एक पक्षीय आदेश के रूप में लागू किया गया है।
आपत्ति या छूट का प्रावधान
इस आदेश से व्यथित कोई भी व्यक्ति भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(5) के अंतर्गत कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। विशेष परिस्थितियों में संतुष्ट होने पर नियमानुसार छूट प्रदान की जा सकती है।
आदेश की अवधि व दण्ड
यह आदेश 05 जनवरी 2026 से 23 जनवरी 2026 तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।






