

*पाक आंतकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था।
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देहरादून दौरे से पूर्व एसटीएफ को राजधानी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक पाकिस्तानी एजेंट को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पकड़ा गया आरोपी पाकिस्तानी आंतकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था। वहा यहां से प्रतिष्ठित सरकारी व सैन्य संस्थानों की लोकेशन व फुटेज पाकिस्तान को भेज रहा था। आरोपी के पास से 32 बोर की एक पिस्टल व 07 जिन्दा कारतूस एवं 01 स्प्रै पेन्ट की कैन बरामद की गई।
एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ, नीलेश आनन्द भरणे के निर्देश पर एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह द्वारा असमाजिक तत्वो तथा राष्ट्रविरोधी तत्वो के सम्बन्ध में इनपुट विकसित कर कार्यवाही के निर्देश दिये थे। जिसके बाद सक्रिय हुई एसटीएफ ने जिला पुलिस के साथ मिलकर जानकारी जुटाई। उक्त कार्यवाही में एसटीएफ ने थाना प्रेमनगर पुलिस के साथ मिलकर 01 संदिग्ध व्यक्ति विक्रान्त कश्यप पुत्र विरेन्द्र कश्यप (29 वर्ष) निवासी- झाझरा प्रेमनगर, देहरादून को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी के पास से 32 बोर की एक पिस्टल व 07 जिन्दा कारतूस एवं 01 स्प्रै पेन्ट की कैन बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पाकिस्तान में बैठे आंतकी शहजाद भट्टी व उसके साथी राणा के लगातार सम्पर्क में था। एसटीएफ को यह भी जानकारी मिली कि वह पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का फैन था और उसकी हत्या से नाराज था। वह उसकी हत्या करने वालो से बदला लेना चाहता था। इसी बीच इन्स्टाग्राम पर पाकिस्तानी शहजाद भट्टी ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने वालो से बदला लेने वाली रील पोस्टे की थी, जिससे यह प्रभावित हो गया। जहां से वह सोशल मीडिया के जरिए शहजाद भट्टी के संपर्क में आया।
इसके बाद शहजाद भट्टी ने इसे कुछ टास्क दिये। जिसमें देहरादून व आसपास के मुख्य स्थानों व पुलिस थानों की विडियों बनाकर भेजने को कहा गया। इसके बाद इसको देहरादून के महत्वपूर्ण भवन/संस्थान जैसे आईएसबीटी, पुलिस मुख्यालय व अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की वीडियों व फुटेज बनाकर भेजने के लिए कहा गया और बताया कि ये जगह तुम्हे बम से उडानी है। तुझे बम, हथियार व पैसे गुर्जर नाम का आदमी देगा। इसके बाद मुझे शहजाद भट्टी द्वारा टास्क दिया गया कि देहरादून के महत्वपूर्ण भवन/संस्थान जैसे आईएसबीटी, पुलिस मुख्यालय व अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों पर ‘‘तहरीक-ए-तालिबान- हिन्दुस्तान‘‘ टीटीएच लिखने को कहा गया जिससे हमारे संगठन टीटीएच नाम हो और लोगो में दहशत फैले। जिसकी विडियो बनाकर भेजने के लिये कहा गया।
जिसके बाद उसने सेलाकुई में एक फैक्ट्री की दीवार व अडवानी पुल के पास और बालाजी मन्दिर झाझरा के पास अलग अलग जगह पर स्प्रे पेन्ट की केन से टीटीएच लिख कर विडियो बनाकर भेजी भी थी। साथ ही पुलिस चौकी झाझरा की लोकेशन व वीडियो फुटेज बनाकर भी पाकिस्तान भेजी गयी थी। इसके अतिरिक्त पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा इसको दिल्ली स्थित एक संगठन के कार्यकर्ताओं व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पर हैड ग्रिनेट फेंकने का टास्क भी दिया गया था। सभी टास्क के बदले इसको नेपाल के रास्ते दुबई ले जाकर वहां बसने तथा अच्छा पैसा देने का प्रलोभन दिया गया था।





