
अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨बैंक के बाहर ठगी करने वाले ‘नकली नोट गैंग’ का पर्दाफाश, सरगना समेत पांच गिरफ्तार🚨
- नकली नोट गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार, नेपाल तक फैला था नेटवर्क
- ठगी का ‘खेला’ खत्म: बस्ती में 4.20 लाख के नकली नोटों के साथ 5 शातिर गिरफ्तार।
- बस्ती SP का एक्शन: नकली नोट चलाने वाले गैंग पर पुलिस की स्ट्राइक, टीम को 20 हजार का इनाम।
बस्ती | 11 अप्रैल, 2026
जनपद बस्ती की पुलिस को अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना वाल्टरगंज पुलिस, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने बैंकों के बाहर भोले-भले लोगों को झांसा देकर ठगी करने वाले एक संगठित ‘नकली नोट गैंग’ का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में जाली मुद्रा बरामद की है।
🎯मुखबिर की सूचना पर बक्सई घाट पुल के पास घेराबंदी
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) श्यामकांत ने क्षेत्राधिकारी सदर सतेंद्र भूषण त्रिपाठी की उपस्थिति में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस टीम बक्सई तिराहे पर संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि नकली नोट खपाने वाला एक गिरोह बक्सई घाट पुल के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और मौके से पांच आरोपियों को धर दबोचा।
🎯गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
- मुस्तफा (गैंग सरगना)
- नबीउल्लाह
- नबीउल्लाह उस्मानी
- हबीर्बुर्रहमान
- मणिकांत चौधरी
✍️(उपरोक्त आरोपी उत्तर प्रदेश और नेपाल के अलग-अलग सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासी हैं।)
🎯4.20 लाख के जाली नोट और गाड़ियां बरामद
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से ₹4,20,000 के नकली नोट बरामद किए हैं, जिनमें 500, 200 और 100 रुपये के जाली नोटों की गड्डियां शामिल हैं। इसके साथ ही इनके पास से 7 एंड्रायड मोबाइल फोन और 3 मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं, जिनका उपयोग ये अपराध करने के लिए करते थे।
🎯मोडस ऑपेरंडी: असली नोटों के बीच छिपाते थे ‘कागज’
पूछताछ में गिरोह ने ठगी का जो तरीका बताया वह चौंकाने वाला है। आरोपी अक्सर बैंकों के बाहर रेकी करते थे और बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे।
- लालच का जाल: ये लोगों को रकम दोगुनी करने या सस्ते में नोट बदलने का झांसा देते थे।
- गड्डी की चालाकी: भरोसा जीतने के लिए ये नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाते थे, जबकि बीच में नकली नोट या सादे कागज के टुकड़े होते थे।
- फरारी: जैसे ही सामने वाला व्यक्ति इन्हें असली पैसे देता, ये उसे नकली गड्डी थमाकर पलक झपकते ही मोटरसाइकिल से फरार हो जाते थे।
🚨पुलिस टीम को ₹20,000 का इनाम
जांच में पता चला है कि गिरोह का मुख्य संचालक मुस्तफा है और इसके कुछ साथी पहले भी जेल की हवा खा चुके हैं। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष वाल्टरगंज शशांक सिंह, स्वाट/सर्विलांस प्रभारी शेषनाथ यादव व अन्य हमराही शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने पूरी टीम के उत्साहवर्धन हेतु 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
सावधान रहें: पुलिस ने जनता से अपील की है कि बैंक के बाहर किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।






















