
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत ई समाचार पत्र
गुरुवार 11 दिसंबर 2025,
===============> छत्तीसगढ-: शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा चौंथी एवं सातवी के विद्यार्थी योग कला और व्यवसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई करेंगे। प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार नई शिक्षा नीति वर्ष 2020 के अंतर्गत कक्षा चौंथी की दस एवं कक्षा सातवीं की ग्यारह समेत कुल इक्कीस किताबों में परिवर्तन किया जायेगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ” एनसीआईटी” ने इसे तैयार किया है। जानकारी अनुसार कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक की गणित एवं विज्ञान की पुस्तकें नहीं बदलेंगी, परन्तु अन्य विषयों की पुस्तकें बदल जायेंगी। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में पहली से लेकर तीसरी कक्षा और छठवीं कक्षा की पुस्तकें बदली गई हैं। जानकारी के अनुसार इसकी जवाबदारी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को दी गई सै। एनसीआरटी से प्रकाशित कक्षा चौंथी और सातवीं की हिंदी अंग्रेजी माध्यम की हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान, व्यवसायिक, कला, एवं योग शिक्षा की पुस्तकों को एनसीआरटी ने राज्य के संदर्भ में तैयार किया है। गणित और विज्ञान की पुसतकों को बिना किसी परिवर्तन के पहले की ही तरह स्वीकार किया जायेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूलों में हर सप्ताह सहायक वाचन-: कक्षा तीसरी से आठवीं तक के छात्रों को नये शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एक अतिरिक्त विषय के रूप में सहायक वाचन का अध्यापन कराया जायेगा। इसे बेगलेस डे मतलब कि शनिवार के दिन शिक्षक छात्रों को पढ़ायेंगे। जानकारी के अनुसार इसमें छत्तीसगढ राज्य के स्थानीय ज्ञान विज्ञान कला साहित्य लोक साहित्य भाषिक संस्कृति लोक परंपरा जीवन पद्धति इतिहास पुरातत्व, धर्म दर्शन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों , इतिहास पुरुषों आदि की जीवन गाथा पढ़ाई जायेगी। इसे स्थानीय शिक्षक पढ़ायेंगे और इसका मूल्यांकन भी करेंगे। जानकारी के अनुसार वार्षिक परीक्षा के दौरान इससे संबंधित प्रश्न नहीं पूछे जायेंगे। राज्य शिक्षा स्थाई समिति इनकी पांडुलिपि का चयन करेगी, इसके अध्यक्ष के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो• आलोक चक्रवाल जी नामांकित किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कक्षा पहली और दूसरी की हिंदी की पुस्तकें जो कि पहले से ही चल रहीं हैं , उसके अभ्यास प्रश्न दो भाषाओं में होंगे।।इसमें हिंदी तो होगा ही, बस्तर, अंबिकापुर, आदि क्षेत्रों के अनुसार हल्बी या गोंडी भाषा भी रहेंगी।विद्यार्थियों की सुविधानुसार अभ्यास प्रश्नों को राज्य की सोलह स्थानीय एवं चार अंतर राज्यीय भाषाओं जिनमें मराठी,बंगाली, उड़िया और तेलगू भाषाओं में भी तैयार किया जायेगा। जानकारी के अनुसार यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 16 जून 2026 से संबंधित सभी जिलों के आवश्यक सभी स्कूलों में लागू की जायेंगी।





