



सिजुआ . सिजुआ में भूमिगत आग और भूधंसान (लैंड सब्सिडेंस) के बढ़ते खतरे को देखते हुए (बीसीसीएल) के सिजुआ क्षेत्र के महाप्रबंधक निरजर चक्रवर्ती ने एक महत्वपूर्ण पत्र जारी कर लगभग आधा दर्जन से अधिक बस्तियों को अति डेंजर जोन घोषित कर दिया है। इस पत्र में इन इलाकों के सभी निवासियों को तुरंत क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया गया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
किन इलाकों को किया गया डेंजर जोन घोषित?
पत्र में जिन इलाकों को अति संवेदनशील और खतरे वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है, उनमें बासदेवपुर कोलियरी का 8 नंबर धौड़ा
मोदीडीह कोलियरी का 22/12 क्षेत्र तथा तेतुलमुढी बस्ती , सेन्द्रा बॉसजोरा का हैवीटेशन वेस्ट डीबी रोड , 10, 11 और 13 नंबर कालोनी ,
कनकनी कोलियरी का सेन्द्रा सात पीट इलाका
जोगता ऊपर धौड़ा आदि क्षेत्र शामिल है .बताया जाता है कि बीसीसीएल एंव डीजीएमएस के सर्वे टीम ने पुर्व मे सर्वे कर कहा था कि इन सभी जगहों पर भूमिगत आग और गैस तेजी से फैल रही है, जिसके कारण लगातार भूमि धंसने का खतरा बना हुआ है।
पत्र में क्या कहा गया
बीसीसीएल के महाप्रबंधक निरझर चक्रवर्ती द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सूचित किया जाता है कि यहां आग तेज गति से बढ़ रही है। इससे भूमि धंसान का गंभीर खतरा है। ऐसी स्थिति में वहां निवास करना जीवन के लिए अत्यंत खतरनाक है और मृत्यु का खतरा भी मोल लेना पड़ सकता है . पत्र में आगे कहा गया कि पूर्व में भी अनाधिकृत रूप से रह रहे लोगों को जगह खाली करने का निर्देश दिया जा चुका था, लेकिन कुछ लोग अभी भी अपनी जान को खतरे में डालकर वहीं बने हुए हैं . इसलिए पुनः निवेदन किया जाता है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को देखते हुए अबिलंब सुरक्षित स्थान पर चले जाये .
पुनर्वास की व्यवस्था
बीसीसीएल ने प्रभावित लोगों से अपील की है कि वे जरेडा के अधिकारियों से संपर्क करें और उनके द्वारा आवंटित आवासों में शिफ्ट हो जाये . कंपनी की ओर से पुनर्वास की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है . ज्ञात हो कि लंबे समय से भूमिगत कोयला आग और भूमि धंसान की समस्या से सिजुआ इलाका जूझ रहा है . जिसकी चपेट मे हजारो की आबादी है . पुर्व मे 22/12 मे मस्जिद जमीदोज हो चुकी है . वही जोगता 11 नम्बर मे हनुमान मंदिर के साथ कई आवास भी जमीदोज होने के कारण एक ही परिवार के तीन लोग जमीदोज हो गये थे . जिसे काफी मुश्किल से बचाया गया था .
क्या कहते है लोग
इस पत्र के जारी होने के बाद पूरे सिजुआ क्षेत्र में दहशत का माहौल है . लोग अपने घर-बार, जमीन और आजीविका को लेकर चिंतित हैं. कुछ निवासी कह रहे हैं कि पुनर्वास की व्यवस्था में अभी भी कई कमियां हैं और उन्हें उचित मुआवजा तथा बेहतर आवास की मांग है. बीसीसीएल के अधिकारी हालांकि साफ कह रहे हैं कि सुरक्षा सर्वोपरि है और जान-माल के नुकसान से बचने के लिए तुरंत खाली करना जरूरी है .








