अस्पताल चौराहा: अब नहीं फँसेगी एम्बुलेंस, प्रशासन ने शुरू किया जाम-मुक्ति का ‘महा-अभियान’

अजीत मिश्रा (खोजी)
अस्पताल चौराहा: जाम के दंश से जल्द मिलेगी मुक्ति, प्रशासन ने शुरू किया ‘मिशन क्लीन’
बस्ती, 12 जून 2026
- मरीजों की राह होगी आसान: अस्पताल चौराहे से हटेगा अतिक्रमण, शुरू हुआ सुधार कार्य
- समय पर अस्पताल पहुँचेंगे मरीज, जिला प्रशासन ने अस्पताल चौराहे को लेकर कसी कमर
- जिम्मेदारी का संकल्प: सात विभागों के तालमेल से अस्पताल चौराहा बनेगा जाम-मुक्त
- अस्पताल चौराहा सुधार योजना: प्रशासन ने 100 मीटर के दायरे को किया ‘रेड जोन’ घोषित
- स्थलीय निरीक्षण के बाद प्रशासन सख्त: अस्पताल चौराहे पर अब ‘ड्रॉप एंड गो’ सिस्टम से होगा ट्रैफिक
शहर के हृदय स्थल और सबसे अधिक संवेदनशील ‘अस्पताल चौराहे’ को जाम की जकड़ से मुक्त कराने के लिए आज जिला प्रशासन ने एक अत्यंत निर्णायक और बड़ी पहल की है। लंबे समय से आमजन द्वारा उठाई जा रही मांग और जनहित की बैठकों में दर्ज की गई शिकायतों के बाद, आज सुबह प्रशासन ने नगर पालिका और संबंधित विभागों की एक संयुक्त टीम के साथ मौके पर पहुंचकर न केवल स्थिति का जायजा लिया, बल्कि समस्या के स्थायी निदान के लिए एक ‘मास्टर प्लान’ भी लागू कर दिया है।
100 मीटर के दायरे में ‘ग्राउंड जीरो’ पर समीक्षा
आज सुबह अधिकारियों ने चौराहे के चारों ओर 100-100 मीटर के दायरे में पैदल भ्रमण किया। इस दौरान हर उस बिंदु को बारीकी से परखा गया जो जाम की मुख्य वजह बनता है। निरीक्षण में यह पाया गया कि अतिक्रमण, अनियोजित पार्किंग और लटकते बिजली के तार यातायात की गति को बुरी तरह बाधित कर रहे हैं। इस समस्या को सुलझाने के लिए कार्यों को दो चरणों में विभाजित किया गया है:
तत्काल प्रभाव वाले कार्य (Short-Term Action)
अतिक्रमण हटाओ अभियान: नगरपालिका और पुलिस विभाग ने मिलकर चौराहे के 100 मीटर के दायरे में अवैध रेहड़ी-पटरी, ठेले और दुकानदारों द्वारा बाहर निकाला गया सामान हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
‘ड्रॉप एंड गो’ ज़ोन: अक्सर अस्पताल के सामने और मुख्य सड़क पर ऑटो और ई-रिक्शा के खड़े रहने से एम्बुलेंस तक फंस जाती है। अब इन वाहनों के लिए निर्धारित ‘ड्रॉप एंड गो’ ज़ोन चिह्नित किए जा रहे हैं।
एम्बुलेंस के लिए सुरक्षित मार्ग: स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिला अस्पताल का मुख्य द्वार हर समय एम्बुलेंस की आवाजाही के लिए खुला रहे और वहाँ अन्य वाहनों का जमावड़ा न हो।
मध्यकालिक सुधार (Medium-Term Action)
तारों का जाल: BSNL और विद्युत विभाग को उन ढीले तारों को कसने और अनुपयोगी खंभों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं जो सड़क पर बाधा बन रहे हैं।
ड्रेनेज व्यवस्था: जलकल विभाग को जलभराव को रोकने के लिए नालियों की सफाई और मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश या जल-रिसाव के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित न हो।
अंतर-विभागीय समन्वय: सफलता की चाबी
जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सात प्रमुख विभागों के बीच एक मजबूत समन्वय समिति बनाई गई है। प्रशासन ने एक ‘चेकलिस्ट’ तैयार की है, जिसके आधार पर कार्य की प्रगति की दैनिक निगरानी की जाएगी।
प्रशासन का संकल्प: सुगम और सुरक्षित यातायात
निरीक्षण के तुरंत बाद सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि काम केवल कागजों पर न हो, बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि अस्पताल चौराहा शहर का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ हर पल जीवन-मरण का संघर्ष चलता है। यहाँ का जाम सीधे मरीजों के स्वास्थ्य और समय से जुड़ा है, इसलिए इसे ‘जाम मुक्त’ करना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि एक मानवीय जिम्मेदारी है।
जन-भागीदारी की अपील:
स्थानीय प्रशासन ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की है। विशेष रूप से दुकानदारों से कहा गया है कि वे सड़क पर अतिक्रमण न करें और वाहन चालक निर्धारित ज़ोन में ही अपने वाहन खड़े करें। प्रशासन को विश्वास है कि विभागों के आपसी तालमेल और आम नागरिकों के सक्रिय सहयोग से बहुत जल्द अस्पताल चौराहा जाम की समस्या से पूरी तरह मुक्त होगा और आवागमन सुगम बन सकेगा।
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