बस्ती: थाने में न्याय मांगने पहुंची महिला से दरोगा ने की मारपीट, कपड़े फाड़ने और मोबाइल छीनने का आरोप

बस्ती: थाने में न्याय मांगने पहुंची महिला से दरोगा ने की मारपीट, कपड़े फाड़ने और मोबाइल छीनने का गंभीर आरोप
- पुलिस की शर्मनाक करतूत: वाल्टरगंज थाने में महिला के साथ दरोगा ने की बेरहमी, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
- बस्ती पुलिस का ‘अमानवीय चेहरा’: शिकायत करने गई महिला को दरोगा ने पीटा, आरोपियों को दिया वीआईपी सम्मान
- थाने के पीछे ले जाकर दरोगा ने बरसाए बेल्ट और जूते; पीड़िता को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप
बस्ती: जनपद के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र से पुलिस की संवेदनहीनता और बर्बरता का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। थाना क्षेत्र के ग्राम जिनवा निवासी रंजना गौड़ ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर थाने में तैनात दरोगा गामा यादव पर मारपीट, अभद्रता और जबरन झूठे मुकदमे में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता रंजना गौड़ ने बताया कि 10 जून 2026 की सुबह गांव के ही राजदेव, सुनीता, वीना और चांदनी ने पुरानी रंजिश के चलते उसके विकलांग पुत्र माता प्रसाद गौड़ पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें उसका हाथ टूट गया। इस मामले की शिकायत दर्ज कराने वह 11 जून को वाल्टरगंज थाने पहुंची थी।
दरोगा पर लगा गंभीर आरोप
पीड़िता का आरोप है कि थाने में मौजूद दरोगा गामा यादव ने उसकी फरियाद सुनने के बजाय उसे भद्दी-भद्दी गालियां दीं और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। रंजना का आरोप है कि दरोगा ने उसे गला पकड़कर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। धक्का-मुक्की के दौरान उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए। महिला ने दावा किया कि उसे थाने के पीछे ले जाकर लात-घूंसों, जूतों और बेल्ट से बुरी तरह पीटा गया और उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
आरोपियों को दिया संरक्षण
पीड़िता का कहना है कि जहां वह न्याय मांगने गई थी, वहां उन्हीं आरोपियों को सम्मानपूर्वक कुर्सी पर बैठाया गया, जिन्होंने उसके पुत्र के साथ मारपीट की थी। उलटे, पुलिस ने पीड़ित महिला के खिलाफ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170, 135 और 126 के तहत चालान कर दिया, जिससे वह दहशत में है।
सीसीटीवी जांच की मांग
रंजना गौड़ ने एसपी से मांग की है कि घटना के समय थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उसने आरोप लगाया कि दरोगा ने उसे धमकी दी है कि यदि उच्च अधिकारियों से शिकायत की, तो परिणाम और भी घातक होंगे। पीड़िता ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषी दरोगा व नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अपील की है।
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