Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
उत्तर प्रदेश

“प्रशासन की अनदेखी या हत्या का साज़िश? काली मंदिर मोड़ और फौव्वारा तिराहे पर रोज़ हो रही मौतें!”

15 Jun 2026, 08:42 PM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
1781535588032

अजीत मिश्रा (खोजी)

प्रशासनिक लापरवाही या मौत का आमंत्रण? काली मंदिर मोड़ और फौव्वारा तिराहे पर थम नहीं रहा खून का खेल

  • “खतरे का कोई निशान नहीं, मौत का हर सामान मौजूद: फौव्वारा तिराहा बना यमराज का अड्डा।”
  • “शहर के चौराहे या दुर्घटना के कारखाने? सुस्त प्रशासन के भरोसे शहर की जनता!”
  • “ट्रैफिक पुलिस के लिए वसूली ज़रूरी, जनता की सुरक्षा ‘गहरी नींद’ में: काली मंदिर मोड़ पर रोज़ाना हादसा!”
  • “अब और नहीं: प्रशासन की लापरवाही पर जनता का फूटा गुस्सा, सड़कों पर उमड़ रहा है खून!”
  • “साइन बोर्ड गायब, जिंदगी दांव पर! क्या शहर को संभालने वाला कोई नहीं?”
  • “मौत का इंतज़ार कर रहा प्रशासन: काली मंदिर और फौव्वारा तिराहे पर कब लगेगी लगाम?”

बस्ती: क्या हमारे शहर का प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है? आवास विकास स्थित काली मंदिर मोड़ और फौव्वारा तिराहा—ये अब केवल चौक और चौराहे नहीं, बल्कि ‘डेथ ट्रैप’ (मौत के जाल) बन चुके हैं। नगर पालिका की कुंभकर्णी नींद और ट्रैफिक पुलिस की आपराधिक उदासीनता के चलते यहाँ रोज़ाना खून बह रहा है, लेकिन सिस्टम है कि पूरी तरह सिफर हो चुका है।हमारे शहर का प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है? आवास विकास स्थित काली मंदिर मोड़ और फौव्वारा तिराहा—ये दो नाम अब केवल चौक और चौराहे नहीं रह गए हैं, बल्कि ये ‘डेथ ट्रैप’ (मौत के जाल) बन चुके हैं। नगर पालिका की कुंभकर्णी नींद और ट्रैफिक पुलिस की दिखावटी मुस्तैदी के चलते यहाँ रोज़ाना खून बह रहा है, लेकिन सिस्टम है कि सिफर हो चुका है।

​सांकेतिक चिन्हों का अभाव: दुर्घटनाओं की जड़

​सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि इन अत्यंत व्यस्त और खतरनाक बिंदुओं पर प्रशासन ने सांकेतिक चिन्हों (Signage) का नामोनिशान तक नहीं छोड़ा है। न तो यहाँ गति सीमा (Speed Limit) के बोर्ड हैं, न ही ‘धैर्य रखें’, ‘सावधानी से चलें’ या ‘आगे चौराहा है’ जैसी चेतावनी देने वाले कोई संकेतक मौजूद हैं।

​ट्रैफिक विभाग की यह भारी चूक ही मुख्य कारण है कि अनजान वाहन चालक और तेज रफ्तार वाहन सीधे दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। क्या नगर पालिका और ट्रैफिक विभाग को यह नहीं पता कि सड़क पर बिना संकेतक के चलना मौत के मुँह में जाने जैसा है? यह लापरवाही नहीं, सीधे तौर पर आम नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ है।काली मंदिर मोड़ पर अतिक्रमण का अंबार है। सड़क के नाम पर बची-खुची पट्टियों पर रेहड़ी-पटरी वालों का कब्जा है, जिसके कारण वाहनों का निकलना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर है। नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी अपनी एसी कमरों की फाइलों में सब ‘ओके’ का रिपोर्ट कार्ड लगाए बैठे हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि वहां का हर कोना दुर्घटना को दावत दे रहा है।

वहीं, दूसरी तरफ ट्रैफिक पुलिस का हाल तो और भी बुरा है। फौव्वारा तिराहे पर तैनात रहने वाले पुलिसकर्मी या तो फोन में व्यस्त दिखेंगे या फिर मुख्य मार्ग को छोड़कर किसी कोने में सुस्ताते हुए। न कोई ट्रैफिक मैनेजमेंट है, न ही भारी वाहनों के प्रवेश पर कोई लगाम। क्या इनका काम सिर्फ चालान काटना और वसूली करना रह गया है? सुरक्षा और सुगम आवागमन की जिम्मेदारी क्या इनके विभाग के चार्टर में नहीं आती?

​जिम्मेदार कौन? जिम्मेदार बेपरवाह!

काली मंदिर मोड़ पर अतिक्रमण का अंबार है। नगर पालिका के अधिकारी अपनी एसी कमरों की फाइलों में सब ‘ओके’ का रिपोर्ट कार्ड लगाए बैठे हैं, जबकि वहां का हर कोना दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुका है।

​वहीं, दूसरी तरफ ट्रैफिक पुलिस का हाल तो और भी बदतर है। फौव्वारा तिराहे पर न कोई सिग्नल व्यवस्था है, न ही उचित बैरिकेडिंग। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी केवल चालान काटने और वसूली के लिए सिमट कर रह गई है। क्या सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना इनकी जिम्मेदारी नहीं है? प्रशासन की फाइलों में यह चौराहा शायद ‘सुव्यवस्थित’ होगा, लेकिन हकीकत में यह रोज किसी न किसी परिवार के उजाड़ने का कारण बन रहा है।इन दो बिंदुओं पर हर रोज मामूली टक्कर से लेकर गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं। अस्पताल के गलियारे उन लोगों की चीखों से गूंज रहे हैं, जो केवल घर से दूध लेने या दफ्तर जाने के लिए निकले थे। प्रशासन को क्या यह दिखाई नहीं देता? क्या एक औसत नागरिक की जान की कीमत इतनी सस्ती है कि उसे इन लापरवाही भरे रास्तों पर बली चढ़ा दिया जाए?

चेतावनी: अब और ढील नहीं चलेगी

  • प्रशासन को यह समझना होगा कि जनता का सब्र अब जवाब दे रहा है।
  • नगर पालिका: तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाए और सड़क को चलने योग्य बनाए।
  • ट्रैफिक पुलिस: कागजी खानापूर्ति बंद कर धरातल पर ट्रैफिक कंट्रोल करे और तिराहों पर बैरिकेडिंग व उचित सिग्नल व्यवस्था सुनिश्चित करे।
  • अगर आने वाले कुछ दिनों में इन दोनों बिंदुओं पर स्थिति नहीं सुधरी, तो जनता को सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना आता है। प्रशासन या तो जाग जाए, वरना उसे नींद से जगाने के लिए अब तीखे आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचेंगे।

​प्रशासन को चेतावनी: अब और ढील नहीं चलेगी

​हम प्रशासन से सवाल पूछते हैं—कितनी और जानें जाने का इंतज़ार है?

  • नगर पालिका: तत्काल प्रभाव से सड़कों पर व्याप्त अतिक्रमण हटाए और उचित संकेतक बोर्ड (Signage) लगवाना सुनिश्चित करे।
  • ट्रैफिक पुलिस: कागजी खानापूर्ति बंद करें। फौव्वारा तिराहे पर तत्काल प्रभाव से ‘स्पीड ब्रेकर’ और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

​अगर आने वाले कुछ दिनों में इन दोनों बिंदुओं पर स्थिति नहीं सुधरी और संकेतक बोर्ड नहीं लगाए गए, तो जनता को सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना आता है। प्रशासन या तो अब जाग जाए, वरना उसे नींद से जगाने के लिए अब जन-आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचेगा।— एक जागरूक नागरिक

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

रामपुर विधानसभा में छोटे सरकार उर्फ़ नागेश प्रताप सिंह और प्रमोद तिवारी जी की पुत्री आराधना मिश्रा के बीच चुनावी माहौल गर्म हुआ।
Pratapgarh06 Sep

रामपुर विधानसभा में छोटे सरकार उर्फ़ नागेश प्रताप सिंह और प्रमोद तिवारी जी की पुत्री आराधना मिश्रा के बीच चुनावी माहौल गर्म हुआ।

रामपुर खास विधानसभा उत्तर प्रदेश जिला प्रतापगढ़ में प्रमोद तिवारी की पुत्री आराधना मिश्रा उर्फ मोना कांग्रेस नेता…

पूरी खबर पढ़ें →
पटाखा फैक्ट्रियों, गोदामों और दुकानों का सीओ सदर ने किया निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन करने के दिए निर्देश
Mirzapur06 Sep

पटाखा फैक्ट्रियों, गोदामों और दुकानों का सीओ सदर ने किया निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन करने के दिए निर्देश

पटाखा फैक्ट्रियों, गोदामों और दुकानों का सीओ सदर ने किया निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन करने के दिए…

पूरी खबर पढ़ें →
नजीबाबाद में साइबर ठगों का कारनामा: व्यापारी के बैंक खाते से उड़ाए 79 हजार रुपये, 6 बार में निकाली रकम
Bijnor06 Sep

नजीबाबाद में साइबर ठगों का कारनामा: व्यापारी के बैंक खाते से उड़ाए 79 हजार रुपये, 6 बार में निकाली रकम

बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बेगमपुर भौनावाला गांव निवासी व्यापारी ओमपाल…

पूरी खबर पढ़ें →
error: Content is protected !!