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अदालत को गुमराह करना हर्रैया पुलिस को पड़ेगा भारी, थाना प्रभारी तलब

16 Jun 2026, 09:33 AM • Vande Bharat Live TV News
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अजीत मिश्रा (खोजी)

खाकी की मनमानी: जब अदालत को भी गुमराह करने से न चूके हर्रैया थाना प्रभारी

  • खाकी की मनमानी: न्यायालय को गलत रिपोर्ट सौंपने वाले हर्रैया थाना अध्यक्ष पर गिरी गाज
  • न्यायिक आदेश की अवहेलना और झूठी रिपोर्ट: हर्रैया थाना प्रभारी के लिए अब कोर्ट में पेशी की बारी

बस्ती: न्याय की रक्षा का संकल्प लेने वाली पुलिस जब खुद ‘मनगढ़ंत कहानियों’ के जरिए अदालत को गुमराह करने पर उतर आए, तो इसे क्या कहा जाए? बस्ती के हर्रैया थाने से एक ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां थाना प्रभारी ने न केवल न्यायिक आदेशों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि अदालत को भ्रमित करने के लिए झूठ का सहारा भी लिया।

​क्या है पूरा मामला?

​मामला एक कार को रिलीज करने का है। न्यायालय ने 20 मई 2026 को संदीप यादव की कार को रिलीज करने का स्पष्ट आदेश दिया था। लेकिन, थाना प्रभारी ने इस आदेश का पालन करने के बजाय टालमटोल (हीला-हवाली) जारी रखी। हद तो तब हो गई जब कोर्ट द्वारा रिमाइंडर भेजे जाने पर थाना प्रभारी ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा कर दिया कि उक्त वाहन को लेकर जब्तीकरण की कार्रवाई चल रही है, इसलिए इसे रिलीज नहीं किया जा सकता।

​पोल खुली तो बैकफुट पर खाकी

​अदालत ने जब डीएम बस्ती से सत्यता की जांच कराई, तो सच्चाई सामने आ गई। डीएम की रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि उस वाहन के जब्तीकरण की कोई प्रक्रिया ही नहीं चल रही थी। यानी, थाना प्रभारी ने पूरी बेशर्मी के साथ अदालत को गलत और मनगढ़ंत रिपोर्ट सौंपी थी।

​अब क्या होगा?

​सीजेएम चौधरी संदीप सिंह ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी हर्रैया को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। उन्हें 29 जून 2026 को अदालत में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा। इतना ही नहीं, यदि वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाते हैं, तो अदालत ने उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र भेजने की चेतावनी भी दी है।

सवाल यह है कि क्या पुलिस का काम जनता की सुरक्षा करना है या मनगढ़ंत रिपोर्ट बनाकर न्याय प्रक्रिया में बाधा डालना? यह घटना पुलिस महकमे के उन चंद चेहरों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है जो कानून को अपनी जेब की वस्तु समझते हैं। अब देखना यह होगा कि 29 जून को न्यायालय में थाना प्रभारी के पास क्या बहाना शेष रहता है।

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