बिजनौर में धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकरों की होगी जांच, 3 दिन चलेगा अभियान

बिजनौर जिले में धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों की संख्या और उनकी आवाज के स्तर की जांच के लिए पुलिस तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाएगी। अभियान के दौरान मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर ध्वनि मानकों के पालन की जांच की जाएगी।
यह कार्रवाई शासन के पूर्व निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप निर्धारित ध्वनि प्रदूषण मानकों को लागू कराने के उद्देश्य से की जा रही है। पुलिस ने धार्मिक स्थलों के जिम्मेदार लोगों से अपील की है कि लाउडस्पीकर की आवाज परिसर की सीमा तक ही सीमित रखी जाए और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी न हो।
मामला उस समय सामने आया जब एसपी कृष्ण कुमार अन्य अधिकारियों के साथ जिला कारागार का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान मोहल्ला जुलाहान स्थित कुम्हारों वाली मस्जिद से लाउडस्पीकर पर हो रही अजान की आवाज जेल परिसर तक पहुंच रही थी। मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी ने कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद मस्जिद से लाउडस्पीकर हटा दिया गया।
घटना के बाद मस्जिद के इमाम ने वीडियो जारी कर माइक हटाने और ध्वनि कम रखने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज परिसर की सीमा तक ही सीमित रखी जाए, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी न हो।
निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुसार आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल तक की सीमा बताई गई है। वहीं, व्यावसायिक क्षेत्रों में दिन के समय 65 और रात में 55 डेसिबल तक की सीमा निर्धारित है।
एसपी ने लोगों से अपील की है कि पुलिस की कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय धार्मिक स्थलों पर लगे अनधिकृत या अतिरिक्त लाउडस्पीकर स्वयं हटा लें और ध्वनि को निर्धारित सीमा में रखें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन होने से बार-बार हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। एसपी ने सभी धर्मों के लोगों से सहयोग और जिम्मेदारी के साथ ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करने की अपील की है।
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