पटाखा फैक्ट्रियों, गोदामों और दुकानों का सीओ सदर ने किया निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन करने के दिए निर्देश

पटाखा फैक्ट्रियों, गोदामों और दुकानों का सीओ सदर ने किया निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन करने के दिए निर्देश
पांच दिवसीय विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई, अग्नि सुरक्षा, बाल श्रम और अवैध भंडारण पर बरतने को कहा विशेष सतर्कता
ब्यूरो- इंद्रजीत सिंह
मीरजापुर। जनपद मीरजापुर में दीपावली एवं आगामी त्योहारों को देखते हुए पटाखा निर्माण, भंडारण और बिक्री स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे पांच दिवसीय विशेष अभियान के तहत शनिवार को क्षेत्राधिकारी सदर जटाशंकर मिश्र ने अग्निशमन विभाग की टीम के साथ कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित पटाखा फैक्ट्रियों, गोदामों और दुकानों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संचालकों को सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन करने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर 3 से 7 सितंबर तक जनपद में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को क्षेत्राधिकारी सदर जटाशंकर मिश्र एवं अग्निशमन अधिकारी (एफएसओ) मीरजापुर ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात के साथ क्षेत्र में स्थित विकास केसरी के आतिशबाजी गोदाम एवं दुकान सहित अन्य पटाखा प्रतिष्वानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लाइसेंस एवं अनुमति पत्रों की जांच की और संचालकों को निर्देशित किया कि पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री से संबंधित सभी नियमों एवं लाइसेंस की शर्तों का कड़ाई से पालन किया जाए। साथ ही परिसर में अग्निशमन यंत्र, पानी, रेत तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण हर समय उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने आकस्मिक आग लगने या विस्फोट जैसी घटना से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान बाल श्रम पर विशेष निगरानी रखने, प्रत्येक बिक्री स्थल को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने, आबादी और आवासीय क्षेत्रों के निकट सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने तथा अवैध रूप से पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री अथवा परिवहन की सूचना मिलने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
क्रेशर प्लांट हादसे में चार मजदूरों की मौत मामले में छह नामजद समेत अन्य पर मुकदमा दर्ज
मीरजापुर। वानपाद मीरजापुर अहरौरा थाना क्षेत्र के भगवती देई स्थित एस० एस० रंजन कैथार प्लॉट में हुए दर्दनाक हादसे में चार मजदूरों की मौत के मामले में पुलिस ने छह नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज वन जांच शुरू की। मृतकों के परिवनों ने खदान में की गई हास्टिंग के कारण जर्जर डग और कमरे के ढहने से हादसा होने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, सोनभद्र जिले के जुगेल थाना क्षेत्र के बड़गाबां निवासी सूर्यबली विश्वकर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर में बताया गया है कि उनके चचेरे भाई दुर्योधन विश्वकर्मा (34) तथा गांव के आचोक गाँड़ (38), लालबहादुर बैगा (35) और राकेश गोंड़ (30) अहरौरा स्थित एसएस रंजन जनार प्लांट पर मजदूरी करते थे। आरोप है कि शनिवार को दोपहर करीब 1:30 बजे समीप स्थित खदान में बलास्टिंग की गई। बास्टिंग के कंपन से पहले से जर्जर और कमजोर इग तथा उससे सटा कमरा बह गया, जिसकी चपेट में जाने से पारों मजदूर मलबे में दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। तहरीर में हादसे के लिए खदान मालिक मधुसूदन सिंह, ब्लास्टिंग करने वाले मनोज पादव, क्रसर संचालक शिवकुमार पटेल उर्फ पिंटू, विनोद पटेल, आनंद पटेल तथा अन्य अज्ञात लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है। आमीप लगाया गया है है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ अहरौरा पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जाँय शुरू कर की। मामले की जांच उपनिरीक्षक अजय कुमार मिश्रा को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों, सुरक्षा मानाओं, बलास्टिंग प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इस हृदयविदारक हादसे में चार मजदूरों एक साथ मौत से क्षेत्र में शोक की लहर है। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय लोगों ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की
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