खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, भीड़ वाले केंद्रों पर CCTV और टोकन व्यवस्था

खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, भीड़ वाले केंद्रों पर CCTV और टोकन व्यवस्था
किसानों को निर्धारित दर पर सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश, गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई की चेतावनी
महोबा। किसानों को उर्वरक की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी न हो और खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगे, इसके लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय उर्वरक समिति की बैठक में उर्वरक की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और किसानों की सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिले के सभी सहकारी और निजी बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों को खाद निर्धारित दर पर ही दी जाए और किसी अन्य उत्पाद की अनिवार्य टैगिंग अथवा बिक्री के लिए दबाव न बनाया जाए। अधिकारियों के अनुसार जिले में वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है।
किसी क्षेत्र में कमी की स्थिति सामने आने पर जिला कृषि अधिकारी अथवा सहकारिता विभाग को तत्काल सूचना देकर वहां अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। भीड़ वाले केंद्रों पर CCTV और टोकन व्यवस्था
खाद लेने के लिए बिक्री केंद्रों पर बढ़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
सभी फुटकर उर्वरक बिक्री केंद्रों पर CCTV कैमरे लगवाने और संवेदनशील केंद्रों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। किसानों को घंटों कतार में खड़े होने से बचाने के लिए अधिक भीड़ वाले केंद्रों पर टोकन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए।
वहीं बी-पैक्स समितियों को अपने आवंटित न्याय पंचायतवार गांवों के किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि एक ही केंद्र पर अनावश्यक भीड़ न जुटे। रोस्टर से तय होंगे खाद वितरण के दिन
सभी समितियों का रोस्टर तैयार कर प्रत्येक समिति के लिए विक्रय दिवस निर्धारित किया जाएगा।
इसकी जानकारी समिति के बाहर स्पष्ट रूप से अंकित कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बिक्री केंद्रों पर रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड और स्टॉक-विक्रय पंजिका अद्यतन रखने तथा उर्वरक का वितरण अनिवार्य रूप से पॉश मशीन के माध्यम से करने को कहा गया।
प्रशासन ने साफ किया कि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। किसानों को समय पर, निर्धारित मूल्य पर और बिना किसी अतिरिक्त दबाव के खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
कालाबाजारी, ओवररेटिंग या वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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