खनन विभाग की टीम पर ट्रक चालक से बेरहमी से मारपीट का आरोप

खनन विभाग की टीम पर ट्रक चालक से बेरहमी से मारपीट का आरोप
चालक ने खान निरीक्षक समेत कर्मियों पर लगाया मारपीट का आरोप, पीठ पर चोट के निशान; अधिकारी बोले- भागने के दौरान लगी चोट
दुर्गावती/कैमूर। कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र में खजुरा बाजार के समीप यूपी-बिहार सीमा स्थित एनएच-19 पर खनन विभाग की टीम पर एक ट्रक चालक के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है।
चालक ने खान निरीक्षक समेत विभागीय कर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए शिकायत देने की बात कही है। घटना के बाद चालक के शरीर और पीठ पर चोट के निशान दिखाई देने से मामला जांच का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, रोहतास जिले के चुटिया थाना क्षेत्र के परछा गांव निवासी ट्रक चालक राजकुमार चंद्रवंशी मंगलवार की रात बालू लदे ट्रक संख्या BR 24 GC 8054 के साथ कर्मनाशा बॉर्डर के समीप एनएच-19 पर खड़ा था। इसी दौरान खनन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ट्रक का गेट खुलवाकर वाहन के कागजात एवं बालू से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की।
चालक राजकुमार चंद्रवंशी का आरोप है कि जांच के दौरान विभागीय टीम ने बालू का चालान फेल पाए जाने की बात कही। इसके बाद खान निरीक्षक प्रदीप कुमार की मौजूदगी में विभाग के गार्डों ने उसके साथ कथित रूप से मारपीट शुरू कर दी।
चालक का कहना है कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसके शरीर और पीठ पर चोटें आईं। इसके बाद ट्रक पर लाखों रुपये का जुर्माना किए जाने की बात भी चालक द्वारा बताई गई है।
बताया गया कि विभागीय कार्रवाई के बाद चालक को दुर्गावती थाने को सुपुर्द कर दिया गया। थाना पहुंचने के बाद चालक ने खनन विभाग के इंस्पेक्टर एवं अन्य कर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत देने की बात कही है।
इधर, मामले को लेकर खान निरीक्षक प्रदीप कुमार ने चालक द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोप से अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि चालक भागने के क्रम में घायल हुआ है और चोटें उसी दौरान लगी हैं।
वहीं, चालक अपने आरोप पर कायम है। उसका कहना है कि उसे भागने के दौरान चोट नहीं लगी, बल्कि खनन विभाग के कर्मियों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई।
चालक के शरीर एवं पीठ पर चोट के निशान भी दिखाई देने की बात सामने आई है। फिलहाल मामले में चालक द्वारा लगाए गए आरोप और खनन विभाग के अधिकारी के बयान में अंतर है।
ऐसे में चालक को चोट किन परिस्थितियों में लगी, यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है। क्या विभागीय टीम द्वारा चालक के साथ मारपीट की गई या फिर अधिकारी के दावे के अनुसार भागने के दौरान वह घायल हुआ—इसका स्पष्ट खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
मामले में वरीय अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच किए जाने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की जरूरत है। अब सभी की नजरें चालक की शिकायत, चिकित्सकीय जांच तथा पुलिस एवं विभागीय जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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