सागर जहरीली शराब कांड पर CM मोहन यादव सख्त… दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

इंदौर / तेजकुमार जारवाल / वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
मध्यप्रदेश के सागर जिले में सामने आए जहरीली शराब कांड को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री सीधे सागर पहुंचे और जिला अस्पताल जाकर जहरीली शराब से प्रभावित मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति जानी और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों को प्रभावित मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने उपचार में किसी तरह की कमी न रहने देने और जरूरत के अनुसार सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही।
अधिकारियों के साथ बैठक में दिए सख्त निर्देश
अस्पताल के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने जहरीली शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने प्रशासन को कार्रवाई के लिए ‘फ्री हैंड’ देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह का अपराध करने का दुस्साहस न कर सके।
फांसी और उम्रकैद जैसी धाराओं में कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मामले में दोषियों के खिलाफ कानून के तहत बेहद गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रकरण में फांसी या उम्रकैद जैसी सजा का प्रावधान लागू होता है, तो उसी के अनुरूप कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकार का जोर इस बात पर है कि जहरीली शराब के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को उजागर किया जाए और केवल छोटे स्तर के आरोपियों तक कार्रवाई सीमित न रहे।
अवैध संपत्तियों पर भी हो सकती है कार्रवाई
मामले से जुड़े लोगों की अवैध संपत्तियों और अतिक्रमण की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को नियमानुसार अवैध निर्माण या अतिक्रमण पाए जाने पर कार्रवाई करने को कहा गया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया और नियमों का पालन किया जाएगा।
लापरवाही पर जिम्मेदारों पर भी गिरेगी गाज
मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि जहरीली शराब कांड में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस पूरे मामले की जांच के साथ-साथ यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध शराब का नेटवर्क किस तरह संचालित हो रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। जांच एजेंसियां अब अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई और वितरण से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।
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