गया में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलेरी हरिदास सेमिनरी में संचालित l

समाहरणालय, गया
(जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय)
प्रेस विज्ञप्ति संख्या:- 12/09/26
*गया में 'आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र' प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलेरी हरिदास सेमिनरी में संचालित*
आज दिनांक 12 सितंबर, 2026 को कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार अंतर्गत गया जिला मे 'आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र' संचालित है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ किया गया जिसके उपरांत कार्यक्रम में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुरभि बाला द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें केंद्र की स्थापना के उद्देश्यों और युवाओं के विकास में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण केंद्र गया और आसपास के क्षेत्रों के प्रतिभावान युवाओं को अपनी छिपी हुई कलात्मक प्रतिभा को निखारने का एक उत्कृष्ट और सुनहरा मंच प्रदान करेगा।
प्रशिक्षण केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यहाँ कुल 4 विधाओं यथा – शास्त्रीय नृत्य (कत्थक एवं भारतनाटयम्), वादन (तबला, हारमोनियम, ढोलक एवं शास्त्रीय गायन) में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। केंद्र में नामांकन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जा रहा है, जिसकी कुल क्षमता प्रत्येक विषय के लिए अधिकतम 40 छात्र-छात्राओं की निर्धारित की गई है। प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 6 वर्ष से अधिक रखी गई है, जिससे बच्चों और युवाओं दोनों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
यह केंद्र दोपहर 2:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक दो सत्रों में संचालित होगा, जिसमें प्रथम सत्र दोपहर 02:00 बजे से 04:00 बजे तक और द्वितीय सत्र शाम 04:00 बजे से 06:00 बजे तक रहेगा। प्रत्येक सोमवार को केंद्र में साप्ताहिक अवकाश रहेगा, जबकि मंगलवार से रविवार तक केंद्र नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। इच्छुक छात्र-छात्राएं जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, समाहरणालय ,गया अथवा आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र कार्यालय, गया से आवेदन फॉर्म की हार्ड कॉपी प्राप्त कर और उसे पूर्ण रूप से भरकर वहीं जमा कर सकते हैं। नामांकन के लिए जन्मतिथि प्रमाण पत्र/आधार कार्ड और 3 पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य हैं।
उक्त कार्यक्रम में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी, शिक्षक गण अभिवावक गण एवं कर्मी उपस्थित रहे।
समारोह के समापन पर जिला प्रशासन द्वारा उपस्थित अतिथियों और कलाकारों का हृदय से आभार व्यक्त किया गया। स्थानीय निवासियों ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की है और इसे जिले के सांस्कृतिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है।
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