बस्ती में खाकी की कार्रवाई पर उठे बड़े सवाल! 7.5 किलो से अधिक गांजे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, लेकिन तीसरे आरोपी को लेकर मचा घमासान।

अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में गांजा तस्करी पर बड़ा एक्शन, लेकिन थानेदार की कार्यशैली पर उठे तीखे सवाल!
⚓सूत्रों का बड़ा दावा: दबिश के दौरान पकड़े गए थे तीन गांजा तस्कर, आखिर पुलिस रिकॉर्ड से गायब कहां हुआ तीसरा शख्स?
⚓थानेदार पर लगे सौदेबाजी के गंभीर आरोप; क्या किसी डील के तहत छोड़ दिया गया तीसरा संदिग्ध आरोपी?
⚓नगर थाना क्षेत्र का मामला: 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, भारी मात्रा में गांजा और बुलेट बाइक बरामद।
बस्ती: जनपद के थाना नगर क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 7.530 किलोग्राम अवैध गांजा और एक बुलेट मोटरसाइकिल के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बाद पुलिस रिकॉर्ड और सूत्रों के दावों के बीच का विरोधाभास अब महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जनपद के थाना नगर पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुढापट्टी के पास नहर के किनारे से दो शातिर गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 7.530 किलोग्राम अवैध गांजा, एक बुलेट मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नगदी बरामद की है।
क्या है पूरा मामला?
थाना नगर के प्रभारी निरीक्षक राम प्रसाद यादव की टीम ने 16 सितंबर 2026 को कुढापट्टी के पास नहर के किनारे से दो आरोपियों को दबोचा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों के नाम राघवेन्द्र कुमार चौधरी और विकास चौधरी हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से कुल 7.530 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसमें राघवेन्द्र के पास 5.390 किग्रा और विकास के पास 2.140 किग्रा गांजा शामिल है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पूछताछ के दौरान अशोक, श्याम त्रिपाठी और सत्यम त्रिपाठी जैसे अन्य संलिप्त लोगों के नाम भी सामने आए हैं।
उठे तीखे सवाल और सौदेबाजी के गंभीर आरोप
सूत्रों का बड़ा दावा है कि असल दबिश के दौरान तीन गांजा कारोबारी पकड़े गए थे। इसके बावजूद पुलिस रिकॉर्ड में सिर्फ दो ही आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों दिखाई गई, यह एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो थानेदार पर सौदेबाजी के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिसके तहत पकड़े जाने के बाद एक आरोपी को कथित तौर पर डील के तहत छोड़ दिया गया। यदि मौके पर तीसरा व्यक्ति भी मौजूद था, तो वह पुलिस की मुख्य कार्रवाई और दस्तावेजों से बाहर कैसे हो गया?
घटना का विवरण और पुलिस कार्रवाई
प्रभारी निरीक्षक राम प्रसाद यादव अपनी टीम (उ0नि0 अवधेश शर्मा, हे0का0 पवन कुमार यादव, का0 संग्राम सिंह यादव, का0 मनोज सिंह यादव, का0 हिमांशू, का0 कुलवीर सिंह) के साथ 16 सितंबर 2026 को भुवनपुर चौराहा क्षेत्र में कानून व्यवस्था और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुढापट्टी मोड़ व कुढापट्टी के बीच नहर के किनारे एक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति अवैध गांजा लेकर आने वाले हैं।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर तस्करों ने भागने की कोशिश की, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे रोजी-रोटी के लिए गांजा बेचने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वे अशोक (अम्बेडकर नगर), श्याम त्रिपाठी (हर्रैया) और सत्यम त्रिपाठी (छावनी) से ब्लैक स्कॉर्पियो (UP32RJ9006) के माध्यम से हर्रैया टोल प्लाजा व कांटे के पास से पैसा देकर गांजा खरीदते हैं।
क्षेत्राधिकारी कलवारी की मौजूदगी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के प्रावधानों का पालन करते हुए नियमानुसार जामा तलाशी ली गई, तथा वीडियोग्राफी के साथ जब्ती व नमूना सीलिंग की कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
सात किलो से अधिक गांजे की बरामदगी और वाहन जब्ती जैसी बड़ी कार्रवाई के बीच सामने आए इन सनसनीखेज आरोपों ने पुलिस की पारदर्शिता पर बदनुमा दाग लगा दिए हैं। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस कथित सौदेबाजी और तीसरे आरोपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर क्या कदम उठाते हैं।
क्या बस्ती पुलिस के इस मामले में उच्च स्तरीय जांच से सच सामने आ पाएगा?
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।





