अत्याधुनिक परक्यूटेनियस पद्वति से किया कंधे का सफल ऑपरेशन। ऑर्थो सर्जन डॉक्टर आकाश खैरा ने बिना टांके के किया यह बड़ा काम। जनपद के इतिहास में ऑर्थो सर्जरी का यह पहला मामला।

अत्याधुनिक परक्यूटेनियस पद्वति से किया कंधे का सफल ऑपरेशन।
ऑर्थो सर्जन डॉक्टर आकाश खैरा ने बिना टांके के किया यह बड़ा काम।
जनपद के इतिहास में ऑर्थो सर्जरी का यह पहला मामला।
ललितपुर। डॉक्टर आकाश खैरा ने एक और नया कारनामा कर अस्थिरोग चिकित्सा के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। कंधे के जोड़ की चोट का बिना टांके के यह जनपद में यह पहला सफल ऑपरेशन है। अब मरीज जल्द रिकवर होकर ऑपरेशन के कुछ ही दिन बाद से सामान्य कामकाज कर पायेगा। जनपद के ग्राम मुहारा के रहने वाले सीताराम पुत्र द्वारका प्रसाद कुशवाहा की उम्र 42 साल है। उनका मोटरसाईकिल से गिर जाने के कारण दायें कंधे में भारी डिस्लोकेशन के साथ एसी नामक जोड़ में खराबी आ गयी थी। मरीज के कंधे के लिगामेंट्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये थे। वह अपना हाथ उठा पाने या कुछ भी कामकाज कर पाने में असमर्थ था। मरीज को उसके परिजनों ने जनपद में सैकड़ों बड़े सफल ऑपरेशन कर चुके ऑर्थो सर्जन डा.आकश खैरा को दिखाने की सलाह दी। डॉक्टर आकाश खैरा ने मरीज का परीक्षण करने के बाद पाया कि उसका दायां कंधा काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कंधे के ऑपरेशन की सलाह दी। इस ऑपरेशन के लिये विश्व की अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाना तय किया गया। उन्होंने न्यूनतम चीरे के साथ बिना टांके वाली परक्यूटेनियस नॉटलैस स्लाईड रोप कोरेको क्लैविक्यूलर फिक्सेशन पद्वति का उपयोग करने का निर्णय लिया। इस पद्वति में मरीज को नयी तकनीकि से, बिना पारंपरिक चीरा लगाये, बिना हडडी में प्लेट डाले, बिना जोड़ को नुकसान पहुंचाये, सरलता से उसकी हडडी को यथावत बैठा दिया गया। इस ऑपरेशन में कोई रक्तस्राव नहीं हुआ। मरीज को प्लास्टर भी नहीं बांधा गया है। मरीज की हथेली और कलाई में भी कई हडिडयां टूटी थीं। हाथ काफी फट गया था। इसको भी फिक्सेटर लगा कर फिक्स कर दिया गया है। इस सफल ऑपरेशन के बाद मरीज का पूरा परिवार इस चिकित्सा टीम को साधुवाद दे रहा है।
इस टीम ने किया सहयोग
ऋषिराज अस्पताल में हुये इस बड़े सफल ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय टीम में सर्जन डॉक्टर आकाश खैरा के साथ धीरज यादव, पवन प्रजापति, ओमकरन सिंह गौर, भज्जू यादव, सौरभ कुशवाहा, विशाल कुशवाहा, मुस्कान, वैशाली कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
ललितपुर के इतिहास में यह पहला अनूठा ऑपरेशन
जनपद के इतिहास में यह इस कंधे की चोट का ऐसा पहला ऑपेशन है जिसमें न तो प्लेटिंग की गयी है, न ही बड़ा चीरा या टांका लगाया गया है। कंधे की हडडी व्यवस्थित अपने स्थान पर बैठ गयी है। हाथ की चोट में भी आराम हो गया है। इसके साथ अब ललितपुर में अत्याधुनिक पद्वति से ऑपरेशन की शुरूआत हो गयी है।
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