बस्ती में खेतों पर पहरा देने वाला शातिर गैंग बेनकाब: दिन में ट्रक की आड़, रात में ‘वर्ना’ कार से पंपसेट चोरी करने वाले 5 गिरफ्तार

अजीत मिश्रा (खोजी)
खेतों की रखवाली पर लग्जरी गाड़ियों का पहरा: बस्ती में पंपिंग सेट चुराने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश
- अन्नदाताओं की गाढ़ी कमाई पर डाका: छावनी पुलिस ने पकड़ा खेतों से सिंचाई पंपिंग सेट उड़ाने वाला शातिर गिरोह
- लग्जरी गाड़ी का शौक और चोरी का पेशा: बस्ती पुलिस के हत्थे चढ़ा पंपसेट चोर गिरोह, सरगना समेत पांच दबोचे गए
- दिन में रेकी और रात में वारदात: हुंडई वर्ना कार से खेतों में तांडव मचाने वाले चोरों का पर्दाफाश
बस्ती से विशेष रिपोर्ट:
अन्नदाता कहे जाने वाले किसान की सबसे बड़ी पूंजी उसका खेत और वहां लगी सिंचाई की मशीनें होती हैं। लेकिन जब शातिर अपराधी आधुनिक और लग्जरी लाइफस्टाइल जीने के लिए खेतों को ही अपना निशाना बनाने लगें, तो यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर देता है। बस्ती जिले की छावनी थाने की पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे ही शातिर गिरोह का खुलासा किया है, जिसने किसानों की नींद उड़ा रखी थी। दिन में ट्रक चलाने का मुखौटा और रात में ‘व्हाइट वर्ना’ कार से खेतों में तांडव—इस गैंग की कार्यप्रणाली ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
लग्जरी गाड़ी और शातिर दिमाग: क्या था इनका ‘मोडस ऑपरेंडी’?
पुलिस की गिरफ्त में आए इस गिरोह का तरीका बेहद शातिर और हैरान करने वाला था। पूछताछ में सामने आए तथ्य चौंकाने वाले हैं:
दिन में रेकी, रात में वारदात: गिरोह के सदस्य दिनभर ट्रक चलाने की आड़ में खेतों की रेकी करते थे। उनके क्लीनर और साथी यह चिह्नित करते थे कि किस खेत में कौन सा पंपिंग सेट आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।
लग्जरी कार का इस्तेमाल: चोरी जैसी नीच हरकत को अंजाम देने के लिए ये लोग किसी साधारण वाहन का नहीं, बल्कि सफेद रंग की हुंडई वर्ना कार (UP32EQ4027) का इस्तेमाल करते थे। रात के सन्नाटे में कार से पहुंचकर ये भारी-भरकम पंपिंग सेट मिनटों में उखाड़ कर गाड़ी में लाद लेते थे। विकल्प के तौर पर वाहन चोरी: यदि किसी दिन पंपिंग सेट का जुगाड़ नहीं बैठता था, तो यह गैंग सड़क किनारे खड़े वाहनों की स्टेपनी (अतिरिक्त पहिए) चुराने से भी गुरेज नहीं करता था।
सरगना समेत पांच दबोचे गए
छावनी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पचवस प्राथमिक विद्यालय के पास से इस गैंग के सरगना समेत पांच आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में गिरोह का सरगना लक्की सिंह (निवासी पड़ेरिया), राकेश कुमार, दीपक सिंह, आयुष सिंह (निवासी नेतवरपट्टी) और एक बाल अपचारी शामिल हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
एक ‘फील्ड मार्शल’ पंपिंग सेट
घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की हुंडई वर्ना कार
पांच एंड्रॉइड मोबाइल फोन
पुराना है अपराधियों का काला चिट्ठा
कानून का खौफ इन बदमाशों में कितना कम है, इसका अंदाजा इनके आपराधिक इतिहास से लगाया जा सकता है। गिरोह का सरगना लक्की सिंह पहले भी वर्ष 2020 में मारपीट और धमकी के मामलों में संलिप्त रहा है। इसके अलावा, वर्ष 2026 में ही इसके और इसके साथियों के खिलाफ छावनी, मुंडेरवा और कोतवाली थानों में चोरी के कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि ये शातिर अपराधी कानून की परवाह किए बिना लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस की मुस्तैदी और सराहनीय कार्रवाई
किसानों के हक पर डाका डालने वाले इस गिरोह का पर्दाफाश करना बस्ती पुलिस के लिए एक बड़ी और अहम कामयाबी है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी छावनी स्वर्णिमा सिंह के निर्देशन और प्रभारी निरीक्षक छावनी राणा देवेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में अंजाम दी गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राधेश्याम यादव, रामकुमार पासवान, कांस्टेबल राजीव रंजन, अभिषेक सिंह और सिल्लू जायसवाल की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि बाल अपचारी के खिलाफ किशोर न्याय कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
किसानों की गाढ़ी कमाई और उनकी मेहनत पर सेंध लगाने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में इस तरह के वारदातों पर लगाम कसने के लिए पुलिस गश्त को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि अपराधियों के हौसले पूरी तरह पस्त किए जा सकें।
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