Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
Kota

इच्छाओं का परिमाण कर ‘मेरापना’ का मोह छोड़ना ही आत्मकल्याण की दिशा : मुनि श्री योगसागर जी

03 Oct 2026, 06:52 PM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
इच्छाओं का परिमाण कर ‘मेरापना’ का मोह छोड़ना ही आत्मकल्याण की दिशा : मुनि श्री योगसागर जी - KOTA, राजस्थान

कोटा। शनिवार, आश्विन कृष्ण 8 (अष्टमी) के अवसर पर श्री पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी में निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज ने रत्नकरण्ड श्रावकाचार के श्लोक क्रमांक 61-62 के माध्यम से परिग्रह परिमाण व्रत के स्वरूप एवं उसके अतिचारों पर प्रवचन करते हुए कहा कि वस्तुओं में मोह-मूर्च्छा ही परिग्रह है। मनुष्य जितना अधिक प्राप्त करना चाहता है, उतना ही उसकी इच्छाओं का विस्तार होता जाता है और वह भीतर से अशांत एवं दुखी होता जाता है।

मुनिश्री ने कहा कि सामने दिखाई देने वाली वस्तुओं और संसार की उपलब्धियों के पीछे भागने के बजाय मनुष्य को अपनी आत्मा की ओर देखना चाहिए। आत्मा से उठने वाली शुद्ध भावनाओं को पहचानना आवश्यक है। बाहरी परिग्रह एक दिन छूट जाता है, लेकिन अंतरंग परिग्रह—क्रोध, मान, माया, लोभ आदि कषाय तथा वस्तुओं के प्रति मोह—मनुष्य का पीछा करता रहता है।

उन्होंने कहा कि मूर्च्छा ही परिग्रह का मूल कारण है। इच्छाओं का निरोध और परिग्रह को सीमित करना पंच पापों से दूर होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संतोष रूपी धन प्राप्त हो जाए तो बाहरी परिग्रह स्वतः सीमित होने लगता है। भीतर के आकर्षण को कम करना है तो वीतरागी प्रभु के चरणों में जाकर उनके स्वरूप को समझना होगा।

मुनिश्री ने कहा कि आज मनुष्य पाप को पुण्य और पुण्य को पाप समझने की भूल कर रहा है। इच्छाओं और संग्रह की कोई सीमा निर्धारित नहीं होने के कारण परिग्रह बढ़ता जा रहा है। जब बाहरी परिग्रह घटेगा, तभी भीतर के परिग्रह को घटाने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। आत्मकल्याण के लिए इच्छाओं का परिमाण करना, वस्तु के वास्तविक स्वरूप को समझना और संसार के मायाजाल को पहचानना आवश्यक है। पर को पर और निज को निज समझकर ‘मेरापना’ का मोह छोड़ना होगा।

मुनिश्री ने परिग्रह परिमाण व्रत के अतिचारों की चर्चा करते हुए बताया कि आवश्यकता से अधिक वस्तुओं का संग्रह करना, दूसरों को अधिक लाभ प्राप्त करते देखकर आश्चर्य या लोभ करना तथा पशु आदि को उनकी सामर्थ्य से अधिक भार देना जैसे आचरण व्रत की मर्यादा को प्रभावित करते हैं। उन्होंने जीवन के उद्देश्य पर विचार करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि यह समझना होगा कि जीवन अर्थ के लिए है अथवा अर्थ जीवन के लिए।

उन्होंने कहा कि तन की भूख सीमित है, लेकिन मन की भूख अपार है। शरीर की आवश्यकताएं सीमित हैं, पर इच्छाओं का कोई अंत नहीं। इसलिए आवश्यकताओं और इच्छाओं के बीच का अंतर समझना होगा। पंचम काल में पांच अणुव्रतों का पालन यद्यपि कठिन अवश्य है, लेकिन कदम-कदम आगे बढ़ते हुए साधना के मार्ग को प्रशस्त किया जा सकता है।

मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य को पाप के संवर और निर्जरा की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। सही पुरुषार्थ से पुण्य का संचय ही नहीं, बल्कि पुण्यानुबंधी पुण्य का निर्माण भी हो सकता है। परिग्रह को सीमित कर संतोष को जीवन में उतारना आत्मकल्याण की दिशा में सार्थक कदम है।

🌺 आज के प्रमुख पुण्यार्जक
विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से किया पुण्यार्जन

प्रशासनिक मंत्री श्रीमती अर्चना जैन सर्राफ ने बताया कि श्रावक श्रेष्ठी, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं शास्त्र भेंट का पुण्यार्जन श्रद्धालु परिवारों द्वारा भक्तिभावपूर्वक किया गया।

राहुल, हुल्लास एवं ऋषभ बहेरिया वाले, नागपुर (महाराष्ट्र) द्वारा कलश स्थापना का पुण्यार्जन किया गया। वहीं दीपेश जी, पदमा जी एवं समस्त परिवार, आंवा वाले परिवार द्वारा भी धार्मिक अनुष्ठान में पुण्यार्जन किया गया।

श्री सुमित सेंकी एवं श्री मनोज बगड़ा ने बताया कि आज की शांतिधारा का पुण्यार्जन श्रीमान राहुल, हुल्लास एवं ऋषभ बहेरिया वाले, नागपुर (महाराष्ट्र), श्रीमान अशोक कुमार बाकलीवाल, पीसांगन (अजमेर) तथा श्रीमती सुशीला बाई-अशोक एवं राजकुमार ठोरा परिवार द्वारा भक्तिभावपूर्वक किया गया।

श्री धर्मचंद धनोप्या ने बताया कि भक्तामर विधान का पुण्यार्जन महावीर, भारती एवं नमन मित्तल जूही परिवार द्वारा भक्तिभावपूर्वक किया गया।

श्री सुनील माडिया ने बताया कि मुनि श्री योगसागर जी महाराज के आहारदान का पुण्यलाभ श्रीमती आशा-अंकित-रीना-अभ्यांश श्रीमॉल एवं समस्त परिवार, दादाबाड़ी, कोटा को प्राप्त हुआ।

श्री दर्शन बरमुंडा ने बताया कि मुनि श्री प्रणवसागर जी महाराज के आहारदान का सौभाग्य उपवासरत श्रद्धालु को प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर मंगलाचरण का पुण्य अवसर भी श्रद्धाभावपूर्वक सम्पन्न हुआ। धर्मसभा के समापन पर श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री की पूजन-अर्चना, अर्घ्य समर्पण एवं जिनवाणी वंदना कर धर्मलाभ अर्जित किया।

गुरुवाणी का अमृत संदेश

“परिग्रह वस्तुओं में नहीं, वस्तुओं के प्रति हमारी मूर्च्छा और ‘मेरापना’ के भाव में है। बाहरी संग्रह को सीमित कर इच्छाओं का परिमाण करना और संतोष को जीवन में उतारना ही आत्मकल्याण की दिशा में प्रथम कदम है।”

आज के प्रवचन का सार

परिग्रह की सीमा तय करें, इच्छाओं का परिमाण करें।
आवश्यकता और इच्छा के अंतर को समझें।
बाहरी संग्रह घटेगा तो अंतरंग परिग्रह घटाने का मार्ग खुलेगा।
‘पर को पर और निज को निज’ समझकर मेरापना का मोह छोड़ें।
संतोष को जीवन का धन बनाकर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ें।

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

पाली निवासी श्री राकेश कुमार भारद्वाज सुपुत्र श्री छगनलाल जी भारद्वाज,(MALLB)जी रिर्पोटर, जोधपुर को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
Pali03 Oct

पाली निवासी श्री राकेश कुमार भारद्वाज सुपुत्र श्री छगनलाल जी भारद्वाज,(MALLB)जी रिर्पोटर, जोधपुर को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

पाली।श्री राकेश कुमार भारद्वाज सुपुत्र श्री छगनलाल जी भारद्वाज (M A L LB)निवासी (निंबली उर्रा) राजेन्द्र नगर विस्तार…

पूरी खबर पढ़ें →
सेवा संकल्प अभियान “जन सेवा ही प्रभु सेवा”* *पाली में मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का आयोजन*
Pali03 Oct

सेवा संकल्प अभियान “जन सेवा ही प्रभु सेवा”* *पाली में मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का आयोजन*

02 अक्टूबर । ' जन सेवा ही प्रभु सेवा ' थीम पर आयोजित मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का आयोजन…

पूरी खबर पढ़ें →
गांधी जयंती पर स्वच्छता श्रमदान, 10 सफाई मित्रों और द रिसेट फाउंडेशन का सम्मान*
Pali03 Oct

गांधी जयंती पर स्वच्छता श्रमदान, 10 सफाई मित्रों और द रिसेट फाउंडेशन का सम्मान*

*गांधी जयंती पर स्वच्छता श्रमदान, 10 सफाई मित्रों और द रिसेट फाउंडेशन का सम्मान* पाली, 2 अक्टूबर। राष्ट्रपिता…

पूरी खबर पढ़ें →
एनएसयूआई जोधपुर ने महात्मा गांधी जयंती पर बापू को किया नमन, प्रतिमा पर की पुष्पांजलि
Jodhpur03 Oct

एनएसयूआई जोधपुर ने महात्मा गांधी जयंती पर बापू को किया नमन, प्रतिमा पर की पुष्पांजलि

जोधपुर : महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर एनएसयूआई जोधपुर शहर के कार्यकर्ताओं द्वारा जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के…

पूरी खबर पढ़ें →
दिव्यांग बच्चों के हाथों से सजे दीप, सारथी फाउंडेशन ने मनाया सेवा दिवस पर शहरवासियों से दीपक खरीदने की अपील
Jodhpur03 Oct

दिव्यांग बच्चों के हाथों से सजे दीप, सारथी फाउंडेशन ने मनाया सेवा दिवस पर शहरवासियों से दीपक खरीदने की अपील

जोधपुर : सेवा, संवेदना और मानवता का संदेश देते हुए सारथी यूथ फाउंडेशन ने शनिवार को संजीवनी दिव्यांगजन…

पूरी खबर पढ़ें →
श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज का महालक्ष्मी प्राकट्योत्सव आज, चांदपोल शिवबाड़ी में होंगे विविध आयोजन
Jodhpur03 Oct

श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज का महालक्ष्मी प्राकट्योत्सव आज, चांदपोल शिवबाड़ी में होंगे विविध आयोजन

जोधपुर : श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज की आराध्य महालक्ष्मी प्राकट्योत्सव आज मनाया जाएगा। समाज के अध्यक्ष महेन्द्र बोहरा…

पूरी खबर पढ़ें →
error: Content is protected !!