महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने पूरे नागपुर जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया है

प्राप्त हुई ताजा जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र राज्य सरकार ने महाराष्ट्र की उप राजधानी नागपुर सहित पूरे नागपुर जिले मे भी सूखाग्रस्त घोषित किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संबंधित विभागों के अघिकारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं, विभागीय अधिकारियों को अपना मुख्यालय नहीं छोड़ने और अपने संबंधित क्षेत्र में ही रहने के निर्देश भी दिए हैं।
नागपुर जिले में सूखा घोषित होने से किसान भी किसी भी समय पर जिलाधीश कार्यालय या उप विभागीय अधिकारी कार्यालय में पहुंच सकतें हैं, इसलिए सूखे के देखते हुए जिम्मेदार अनिकारियों को अपने कार्यालय में उपस्थित रहना जरूरी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नागपुर जिले की सभी चौदह तहसीलों में सूखा घोषित किया गया है,इसके लिए महाराष्ट्र राज्य के राहत और पुनर्वास विभाग ने इस संबंध में 26 सितंबर 2026 को शासनादेश भी जारी कर दिया है,जिलाधीश एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष के द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द करने से अब अधिकारियों को छुट्टी पर जाने से पहले जिलाधीश कार्यालय से मंजूरी लेना अनिवार्य हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद मिलने वाली राहत और रियायतें भी लागू कर दी गई हैं। महाराष्ट्र राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार सूखाग्रस्त तहसीलों के लिए जमीन राजस्व में छूट, फसल ऋण की रीस्ट्रक्चरिंग, खेती से संबंधित लोन की वसूली, पर रोक, 7.5 हार्स पाॅवर से अधिक क्षमता वाले कृषि पंपों को मौजूदा बिजली के बिल और परीक्षा फीस में भी छूट लागू की गई है।
जानकारी अनुसार एम्पलाॅयमेंट गारंटी योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक काम शुरू करने ,आवश्यकतानुसार पानी की टैंकरों से जलापूर्ति व्यवस्था, अनाज की उपलब्धता को सुनिश्चित करने ,पशुओं के चारे आदि के इंतजाम करने, पानी बचाने के कार्य शुरू करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार महाराष्ट्र राज्य सरकार ने सात दिन में फसल नुकसान के पंचनामे का रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश जिलाधीश कार्यालय को दिए हैं।
फसल नुकसान के संबंध में संबंधित सूखाग्रस्त प्रभावित किसानों को तय नियमानुसार मदद राहत देने के सरकार एक स्वतंत्र शासनादेश भी जारी करेगी। राजस्व, कृषि, ग्रामीण विकास, नगर विकास, भूमि अभिलेख सर्वे, महावितरण, पशु संवर्धन, जल संपदा, और जल संधारण विभाग के अधिकारियों के प्रशासकीय अनुशासन, हाजिरी, छुट्टी मंजूरी,आदि के बारे में मार्गदर्शन सूचना और आदेश भी जारी किए गए हैं।
ऋण माफी,फसल बीज, खाद वितरण, फसल ऋण पुनर्गठन और आर्थिक रियायती भी लागू की गई हैं। जिलाधीश जी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि काम में किसी भी प्रकार से कोई भी लापरवाही ,अनदेखी,गैर हाजिरी, आपदा प्रबंधन अधिनियम एक्ट का सीधा उलंघन माना जायेगा।
महाराष्ट्र राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले जी ने सूखाग्रस्त जिले के अघिकारियों, कर्मचारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने और अपने संबंधित क्षेत्र में रहने के निर्देश दिए हैं। सूखाग्रस्त समय को देखते हुए समय बहुत ही कम और कार्य अधिक हैं, ऐसे में संबंधित सभी अधिकारियों ,कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
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