सफाईकर्मियों का शक्ति प्रदर्शन: नियमितीकरण की मांग पर निगम घेरा

🔴 तेजकुमार जारवाल
जिला रिपोर्टर | इंदौर
वंदे भारत LIVE TV NEW
विशेष संवाददाता | इंदौर
सफाईकर्मियों की हड़ताल से इंदौर बेहाल: सड़कों पर लगा कचरे का अंबार, स्वच्छता के ताज पर मंडराया संकट
नियमितीकरण और समान वेतन की मांग पर निगमकर्मी आर-पार के मूड में, सड़कों पर कचरा और निगम मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
इंदौर। नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन समेत वर्षों से लंबित मांगों को लेकर नगर निगम के दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। 8 हजार से अधिक कर्मचारियों की 5 दिवसीय हड़ताल के दूसरे ही दिन शहर की सफाई व्यवस्था पर इसका सीधा असर दिखाई देने लगा। कई इलाकों में कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं, जिसके चलते सड़कों और बाजारों में कचरे के ढेर नजर आने लगे हैं।
चार प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन तेज
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन, काम से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली एवं रिक्त पदों पर सीधी भर्ती और दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देना शामिल है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से निगम की सफाई व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और मांगों पर अब तक ठोस समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते कर्मचारियों ने 5 दिन की हड़ताल का ऐलान कर दिया है।
सराफा से खजूरी बाजार तक बिगड़े हालात
हड़ताल का असर शहर के कई प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है। सराफा, खजूरी बाजार समेत कई इलाकों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगने लगे हैं। घर-घर कचरा संग्रहण करने वाली गाड़ियों के नहीं पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
कई स्थानों पर सड़कों पर फैले कचरे और उससे उठती दुर्गंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यदि हड़ताल लंबी खिंची तो आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था को लेकर हालात और चुनौतीपूर्ण होने की आशंका है।
निगम मुख्यालय पहुंचकर कर्मचारियों का शक्ति प्रदर्शन
अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारी नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी एवं विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने निगमायुक्त से सीधे मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने की मांग की। इस दौरान अधिकारियों के घेराव और तीखे विरोध के चलते निगम मुख्यालय में भी काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
कर्मचारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
निगम ने संभाली कमान, बैकअप स्टाफ से सफाई का दावा
हड़ताल के बीच नगर निगम प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को पूरी तरह पटरी से उतरने से बचाने के लिए बैकअप स्टाफ और वैकल्पिक कर्मचारियों की मदद से आपातकालीन सफाई व्यवस्था शुरू करने का दावा किया है।
निगम प्रशासन का पक्ष
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, कर्मचारियों से जुड़ी जिन मांगों पर निगम स्तर से कार्रवाई संभव थी, उन पर प्रक्रिया की जा चुकी है। वहीं नियमितीकरण जैसी प्रमुख मांगें शासन स्तर से जुड़ी हैं, जिन्हें राज्य सरकार के समक्ष भेजा गया है।
प्रशासन ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से अपील की है कि वे काम पर लौटें और शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित न होने दें।
अब नजर सरकार के अगले कदम पर
एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने के मूड में हैं, तो दूसरी तरफ निगम प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए शहर की सफाई व्यवस्था संभालने में जुटा है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और निगम प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस समाधान निकाल पाएगा या हड़ताल आगे भी जारी रहेगी?
फिलहाल, इंदौर की सड़कों पर बढ़ता कचरा और निगम मुख्यालय के बाहर कर्मचारियों का आक्रोश यह संकेत दे रहा है कि मामला सिर्फ हड़ताल तक सीमित नहीं रहने वाला।
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