स्वीकृति के बाद भी नहीं बना स्कूल भवन, जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर विद्यार्थी

लोकेशन – रूपवास, भरतपुर
रिपोर्टर – राजेश कटारा
स्वीकृति के बाद भी नहीं बना स्कूल भवन, जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर विद्यार्थी
रूपवास उपखंड क्षेत्र के घाटौली गांव से शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय का भवन जर्जर हालत में है और विद्यार्थी मजबूरी में उन्हीं कमरों में पढ़ाई करने को विवश हैं। खास बात यह है कि नए भवन के लिए भूमि और राशि स्वीकृत होने के बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
घाटौली गांव में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के जर्जर भवन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। विद्यालय में पर्याप्त कक्ष नहीं होने के कारण महज पांच कमरों में ही स्कूल का संचालन किया जा रहा है।
कमरों की कमी और भवन की खराब स्थिति के चलते विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए नए विद्यालय भवन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। नए भवन के लिए भूमि और राशि भी स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब भवन निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृतियां मिल चुकी हैं, तो आखिर निर्माण कार्य में देरी क्यों की जा रही है?
इसी समस्या को लेकर घाटौली गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने और नए भवन का निर्माण जल्द शुरू करवाने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर माहौल में शिक्षा मिलना उनका अधिकार है। जर्जर भवन में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।
अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और स्वीकृत राशि एवं भूमि के बावजूद अटके विद्यालय भवन निर्माण को कब तक शुरू करवाया जाता है।
कैमरामैन योगेश कटारा के साथ – राजेश कटारा, रूपवास।
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