*गर्भवती महिलाओं की होगी टीबी स्क्रीनिंग,चार खंडों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू

जोधपुर। जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल शुरू की है।
इसके तहत जिले में पंजीकृत सभी गर्भवती महिलाओं की एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) के दौरान अनिवार्य रूप से टीबी स्क्रीनिंग की जाएगी। यह पहल ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड के सहयोग से मंडोर, केरू, लूणी और धवा खंडों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है।
अभियान के तहत जिला अस्पताल पावटा के सभागार में चारों खंडों के चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में गर्भवती महिलाओं की एएनसी के दौरान टीबी के संभावित लक्षणों की पहचान, स्क्रीनिंग, जांच तथा आवश्यक फॉलोअप प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई।
जिले के मुख्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. चंद्रकांत तंवर ने स्वास्थ्यकर्मियों को संबोधित करते हुए प्रत्येक एएनसी के दौरान टीबी स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक पंजीकृत गर्भवती महिला की निक्षय आईडी बनाना अनिवार्य होगा। इससे स्क्रीनिंग एवं जांच की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के साथ जरूरत पड़ने पर समय पर उपचार और फॉलोअप सुनिश्चित किया जा सकेगा।
ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड की ओर से राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रवि यादव, मयूर खंडेलवाल, जिला समन्वयक सोनू सेन, गजेंद्र सिंह एवं हेमंत सिंह ने प्रशिक्षण एवं कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया।
कार्यक्रम में मंडोर, केरू, लूणी एवं धवा खंडों के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से गर्भवती महिलाओं में टीबी की समय पर पहचान कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा टीबी के संभावित मामलों की शीघ्र जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
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