Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
Haridwar

स्व. प्रेम सिंह राठी के नेत्रदान से दो लोगों के जीवन में जग सकती है रोशनी, पुत्र संदीप राठी का निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत

12 Oct 2026, 05:26 PM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
स्व. प्रेम सिंह राठी के नेत्रदान से दो लोगों के जीवन में जग सकती है रोशनी, पुत्र संदीप राठी का निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत - HARIDWAR, उत्तराखंड

विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो

*पिता के निधन के दुःख में भी बेटे ने निभाया मानवता का धर्म*

स्व. प्रेम सिंह राठी के नेत्रदान से दो लोगों के जीवन में जग सकती है रोशनी, पुत्र संदीप राठी का निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत*

हरिद्वार, 12 अक्टूबर 2026।
अपनों को खोने का दुःख असहनीय होता है, लेकिन इसी दुःख की घड़ी में किसी दूसरे के जीवन में उजाला भरने का निर्णय लेना ही सच्ची मानवता है। शिवालिक नगर, हरिद्वार निवासी श्री संदीप राठी ने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय श्री प्रेम सिंह राठी के निधन के उपरांत उनका नेत्रदान करवाकर सेवा, संवेदना और परोपकार की ऐसी मिसाल प्रस्तुत की है, जो समाज के प्रत्येक परिवार को नेत्रदान के लिए प्रेरित करती है।
12 अक्टूबर 2026 को श्री प्रेम सिंह राठी जी के निधन के बाद उनके सुपुत्र श्री संदीप राठी, (मंडल उपाध्यक्ष), भाजपा शिवालिक नगर ने गहरे शोक के बीच भी अपने पिता के नेत्रदान का निर्णय लिया। उनका यह कदम इस बात का प्रमाण है कि सच्चे संस्कार केवल शब्दों तक सीमित नहीं होते, बल्कि कठिन समय में लिए गए मानवीय निर्णयों से प्रकट होते हैं।

श्री संदीप राठी ने इस पुनीत कार्य के लिए अपने मित्र एवं दधीचि देहदान समिति (रजि.), हरिद्वार के अध्यक्ष श्री सुभाष चाँदना से संपर्क किया। सूचना मिलते ही श्री चाँदना ने एम्स, ऋषिकेश के नेत्रदान विभाग से समन्वय स्थापित किया। इसके बाद एम्स की टीम से डॉ. अंशिक तनेजा एवं उनके सहयोगी श्री आलोक जी ने शिवालिक नगर स्थित आवास पर पहुँचकर स्वर्गीय श्री प्रेम सिंह राठी जी के दोनों कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए। इस प्रकार नेत्रदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
नेत्रदान से दो व्यक्तियों के जीवन में लौट सकती है रोशनी

दधीचि देहदान समिति के अध्यक्ष श्री सुभाष चाँदना ने इस पुनीत कार्य के लिए श्री संदीप राठी एवं उनके परिवार की सराहना करते हुए कहा कि अपने प्रियजन को खोने के बाद परिवार गहरे भावनात्मक दुःख से गुजरता है। ऐसे समय में नेत्रदान का निर्णय लेना परिवार के उच्च संस्कारों, संवेदनशीलता और परोपकार की भावना को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि नेत्रदान में आँख के पूरे भाग के स्थान पर मुख्यतः कॉर्निया दान किया जाता है। कॉर्निया की बीमारी या क्षति के कारण दृष्टिबाधित व्यक्तियों को सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से देखने की क्षमता प्राप्त हो सकती है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो जरूरतमंद व्यक्तियों को लाभ मिलने की संभावना रहती है।
उन्होंने कहा कि जिस शरीर को मृत्यु के बाद हम अग्नि को समर्पित कर देते हैं या अन्य निर्धारित विधि से अंतिम विदाई देते हैं, उसी शरीर का एक छोटा-सा भाग किसी ऐसे व्यक्ति के जीवन में उजाला ला सकता है, जो वर्षों से दुनिया को देखने की प्रतीक्षा कर रहा है। इससे बड़ा मानवता का कार्य और क्या हो सकता है?
नेत्रदान के लिए केवल संकल्प नहीं, परिवार की सहमति और जागरूकता भी जरूरी
समिति अध्यक्ष ने कहा कि समाज में आज भी नेत्रदान को लेकर अनेक भ्रांतियाँ और संकोच हैं। लोगों को यह समझने की आवश्यकता है कि मृत्यु के बाद नेत्रदान करने से पार्थिव शरीर की गरिमा या अंतिम संस्कार की सामान्य प्रक्रिया में बाधा नहीं आती। नेत्रदान की प्रक्रिया प्रशिक्षित चिकित्सा टीम द्वारा सम्मानपूर्वक संपन्न की जाती है।
उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार में नेत्रदान के विषय पर खुलकर चर्चा करे और समय रहते संकल्प ले। केवल संकल्प लेना ही पर्याप्त नहीं है; परिवार के सदस्यों को भी इसकी जानकारी होना आवश्यक है, ताकि निधन के बाद वे दिवंगत व्यक्ति की इच्छा का सम्मान करते हुए शीघ्र संबंधित चिकित्सा संस्थान से संपर्क कर सकें।
दधीचि देहदान समिति ने परिवार के सेवा-भाव को किया नमन
दधीचि देहदान समिति (रजि.), हरिद्वार ने स्वर्गीय श्री प्रेम सिंह राठी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्री संदीप राठी एवं उनके समस्त परिवार के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। समिति ने परमपिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
समिति ने कहा कि ऐसे प्रेरणादायी कार्य समाज में सेवा, त्याग और परोपकार की भावना को मजबूत करते हैं। जब कोई परिवार अपने प्रियजन के निधन के बाद भी दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के बारे में सोचता है, तो वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मानवीय मूल्यों का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
समिति का उद्देश्य केवल नेत्रदान, अंगदान और देहदान के संकल्प करवाना ही नहीं, बल्कि समाज में ऐसी जागरूकता उत्पन्न करना भी है, जिससे लोग इन विषयों को जीवन के महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व के रूप में स्वीकार करें।
समाज से अपील: एक संकल्प किसी के जीवन में भर सकता है उजाला
दधीचि देहदान समिति ने आमजन से अपील की कि वे स्वर्गीय श्री प्रेम सिंह राठी जी के नेत्रदान से प्रेरणा लें और स्वयं भी नेत्रदान का संकल्प करें। अपने परिवार, मित्रों और परिचितों को भी इसके महत्व के बारे में जागरूक करें।
समिति ने कहा कि जीवन रहते रक्तदान करके किसी जरूरतमंद की सहायता की जा सकती है और मृत्यु के बाद नेत्रदान, अंगदान तथा देहदान के माध्यम से भी मानवता की सेवा की जा सकती है। देहदान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान देता है, जबकि नेत्रदान दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए आशा का माध्यम बन सकता है।
आइए, हम सभी संकल्प लें—
जीते जी रक्तदान, मरणोपरांत नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान।
क्योंकि मानव जीवन की वास्तविक सार्थकता केवल अपने लिए जीने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियाँ और आशा भरने में है।
गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी कहा है—
“परहित सरिस धर्म नहिं भाई।”
स्वर्गीय श्री प्रेम सिंह राठी जी का नेत्रदान और उनके सुपुत्र श्री संदीप राठी का निर्णय इसी महान विचार को चरितार्थ करता है। शरीर नश्वर है, लेकिन उससे किया गया परोपकार अनेक जीवनों में आशा बनकर जीवित रह सकता है।
नेत्रदान महादान है। आइए, संकल्प लें और किसी की अंधेरी दुनिया में उजाले का माध्यम बनें।
संकल्प एवं जानकारी हेतु संपर्क करें:
दधीचि देहदान समिति (रजि.), हरिद्वार
9410326582, 9411111675, 9410395622, 9927205993

*"नर सेवा नारायण सेवा"*

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

लक्सर में जानलेवा फायरिंग का आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार, मारपीट के बाद जान से मारने की नीयत से की थी फायरिंग, पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी।
तालकेशवरपुर में दिखा रविदास समाज का गौरव: नई गाड़ी के आगमन पर बौद्धाचार्य अमेरिका रवि ने कराया विशेष पूजन, जुटे क्षेत्र के कई दिग्गज
Balrampur-Ramanujganj12 Oct

तालकेशवरपुर में दिखा रविदास समाज का गौरव: नई गाड़ी के आगमन पर बौद्धाचार्य अमेरिका रवि ने कराया विशेष पूजन, जुटे क्षेत्र के कई दिग्गज

बड़ी खबर: ब्लॉक रामचन्द्रपुर तालकेशवरपुर में नई गाड़ी के आगमन पर बौद्ध रीति-रिवाज से हुआ भव्य पूजन, रविदास…

पूरी खबर पढ़ें →
जसपुर-काशीपुर हाईवे पर भीषण हादसा, ऑटो और टाटा 407 की टक्कर में 3 की मौत, 4 घायल
Nainital12 Oct

जसपुर-काशीपुर हाईवे पर भीषण हादसा, ऑटो और टाटा 407 की टक्कर में 3 की मौत, 4 घायल

पंकज कथूरिया जिला संवाददाता बाहादराबाद हरिद्वार (उत्तराखंड) Vande Bharat October 11, 2026 ऊधम सिंह नगर जिले में जसपुर-काशीपुर…

पूरी खबर पढ़ें →
शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन तृतीया तीथि की देवी मां चंद्रघंटा है
Nagpur12 Oct

शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन तृतीया तीथि की देवी मां चंद्रघंटा है

हिंदू धर्मावलंबियों के लिए अश्विन मास शुक्ल पक्ष शारदीय नवरात्रि बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है। नवरात्रि के दौरान…

पूरी खबर पढ़ें →
error: Content is protected !!