प्रेम देवी पाण्डेय के निधन पर गरुड़ पुराण कथा का आयोजन, पति एवं तीनों पुत्र श्रद्धापूर्वक निभा रहे धार्मिक दायित्व

कानपुर देहात। जनपद कानपुर देहात के गदनपुर निवासी श्रीमती प्रेम देवी पाण्डेय का दिनांक 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को निधन हो गया।
उनके निधन से परिवार एवं शुभचिंतकों में शोक की लहर है। दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति की कामना के साथ उनके निवास पर श्री गरुड़ पुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है।
कथा का वाचन तिगाई, कानपुर देहात निवासी पंडित श्री आचार्य अशोक कुमार द्विवेदी द्वारा श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक मर्यादाओं के साथ किया जा रहा है। प्रथम दिवस की कथा में सुनाया गया धर्म, कर्म और मोक्ष का संदेश
श्री गरुड़ पुराण की प्रथम दिवस की कथा में भगवान विष्णु की महिमा, धर्म के मार्ग पर चलने का महत्व, मनुष्य के सत्कर्मों, सदाचार, दान-पुण्य तथा जीवन की नश्वरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला जा रहा है।
आचार्य श्री अशोक कुमार द्विवेदी ने कथा के माध्यम से बताया कि मनुष्य का जीवन अनमोल है और उसे अपने जीवनकाल में सत्य, सेवा, परोपकार तथा सदाचार को अपनाना चाहिए। गरुड़ पुराण की परंपरागत शिक्षाओं के अनुसार जीवन और मृत्यु संसार के शाश्वत सत्य हैं।
मनुष्य के अच्छे कर्म, धर्म के प्रति आस्था तथा जरूरतमंदों की सेवा उसके जीवन को सार्थक बनाते हैं। कथा के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को सांसारिक मोह-माया के साथ-साथ आध्यात्मिक चिंतन, ईश्वर भक्ति और अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया जा रहा है।
कथावाचक आचार्य अशोक कुमार द्विवेदी द्वारा सरल एवं भावपूर्ण शैली में धार्मिक प्रसंगों की व्याख्या की जा रही है, जिससे शोकाकुल परिवार को आध्यात्मिक संबल मिल रहा है और दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। पत्नी के प्रति समर्पण की मिसाल बने पूर्व प्रधानाचार्य रमेश चंद्र पाण्डेय
दिवंगत प्रेम देवी पाण्डेय के पति श्री रमेश चंद्र पाण्डेय पूर्व प्रधानाचार्य एवं कर्मकांड विशेषज्ञ हैं।
वे अपनी पत्नी के निधन के बाद समस्त धार्मिक कार्यक्रमों को अपने तीनों पुत्रों—श्री नंदकिशोर पाण्डेय, श्री श्याम किशोर पाण्डेय एवं श्री कौशल किशोर पाण्डेय—के साथ स्वयं संपन्न करा रहे हैं। एक ओर पत्नी के बिछोह का गहरा दुख है, तो दूसरी ओर धार्मिक परंपराओं के प्रति उनकी निष्ठा और परिवार के प्रति जिम्मेदारी दिखाई दे रही है।
श्री रमेश चंद्र पाण्डेय अपने पुत्रों के साथ मिलकर विधि-विधान के अनुसार धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन कर रहे हैं। परिवार द्वारा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जा रही है तथा श्रद्धा एवं सम्मान के साथ सभी आवश्यक संस्कारों की तैयारियां की जा रही हैं।
परिवार का यह प्रयास भारतीय पारिवारिक मूल्यों, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था को दर्शाता है। शोक की इस घड़ी में तीनों पुत्र अपने पिता के साथ खड़े होकर पारिवारिक एवं धार्मिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
निर्धारित तिथियों पर होंगे आगामी धार्मिक संस्कार
परिवार से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिवंगत प्रेम देवी पाण्डेय की स्मृति एवं धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के लिए आगामी कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। नौभा/नवम दिवस का कार्यक्रम: 17 अक्टूबर 2026, शनिवार।
एकादश संस्कार: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार। तेरहवीं संस्कार एवं शांतिभोज: 21 अक्टूबर 2026, बुधवार।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी तथा परिजन, रिश्तेदार एवं शुभचिंतक धार्मिक परंपराओं के अनुसार अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे। श्रद्धा, संस्कार और स्मृतियों के बीच दी जा रही भावपूर्ण श्रद्धांजलि
श्रीमती प्रेम देवी पाण्डेय का निधन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।
किसी अपने का बिछड़ना जीवन की ऐसी पीड़ा है, जिसकी भरपाई संभव नहीं होती। ऐसे समय में धार्मिक कथा, आध्यात्मिक चिंतन और परिवार का परस्पर सहयोग शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करता है।
श्री गरुड़ पुराण कथा के माध्यम से परिवार दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति की प्रार्थना कर रहा है। साथ ही, यह आयोजन जीवन के सत्य, अच्छे कर्मों और मानवीय मूल्यों की याद भी दिलाता है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत श्रीमती प्रेम देवी पाण्डेय को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल श्री रमेश चंद्र पाण्डेय एवं उनके तीनों पुत्रों सहित समस्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य, शक्ति और संबल प्रदान करें। ॐ शांति।
शांति। शांति।
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