रसड़ा रेलवे स्टेशन पर चेन स्नैचिंग गिरोह की संदिग्ध महिलाएं पकड़ी गईं; मौके पर मौजूद कांस्टेबल के आचरण और वसूली के आरोपों पर गरमाई बहस

बलिया (उत्तर प्रदेश)। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल अंतर्गत बलिया जिले के रसड़ा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के सामान और गहने चोरी करने वाले गिरोह की गतिविधियों के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों व सुरक्षाकर्मियों ने चेन स्नैचिंग के संदेह में कुछ महिलाओं को मौके पर पकड़ा।
इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। वहीं, घटना के दौरान मौके पर मौजूद रेलवे पुलिस के कांस्टेबल के कथित अड़ियल रवैये और स्टेशन परिसर में अवैध वसूली के आरोपों ने मामले को और तूल दे दिया है।
प्लेटफॉर्म पर चेन स्नैचिंग के संदेह में पकड़ी गईं महिलाएं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसड़ा स्टेशन पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान यात्रियों की भीड़भाड़ का फायदा उठाकर गहने और पर्स उड़ाने वाले एक संदिग्ध गिरोह की कुछ महिलाओं को घेराबंदी कर पकड़ा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाल के दिनों में स्टेशन परिसर और ट्रेनों में चेन स्नैचिंग व जेब तराशी की घटनाएं बढ़ रही थीं, जिसके चलते यात्री और स्थानीय लोग सतर्क थे।
संदिग्ध महिलाओं को पकड़े जाने के बाद सुरक्षा कर्मियों को इसकी सूचना दी गई। कांस्टेबल के व्यवहार पर खड़े हुए गंभीर सवाल
घटना के समय मौके पर उपस्थित कांस्टेबल अगस्त कुमार के व्यवहार को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडियाकर्मियों में भारी रोष देखा गया।
आरोप है कि जब पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की आधिकारिक जानकारी और वस्तुस्थिति जाननी चाही, तो कांस्टेबल ने सहयोग करने के बजाय अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया। सूचना देने से बचने और मीडियाकर्मियों के साथ कथित तौर पर तीखी नोकझोंक करने के इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।
हालांकि, इस पूरे विवाद पर संबंधित कांस्टेबल का आधिकारिक पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है। अवैध दुकानों के संचालन और मासिक वसूली के गंभीर आरोप
इस घटना के बाद रेलवे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने के साथ-साथ एक और गंभीर मामला प्रकाश में आया है।
स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि स्टेशन और रेलवे की जमीन पर कथित तौर पर अवैध रूप से अस्थायी दुकानें और ठेले संचालित करवाए जा रहे हैं, जिसके बदले दुकानदारों से नियमित रूप से मासिक वसूली की जाती है। इस पूरे सिंडिकेट में संबंधित कांस्टेबल की कथित संलिप्तता के आरोप लगाए जा रहे हैं।
हालांकि, इन वित्तीय व प्रशासनिक आरोपों की अभी तक किसी सक्षम रेलवे अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
स्टेशन परिसर में संदिग्ध महिलाओं की धरपकड़, यात्रियों की सुरक्षा, मीडियाकर्मियों के साथ पुलिसकर्मी के कथित दुर्व्यवहार और रेलवे भूमि पर अवैध वसूली के गंभीर आरोपों को लेकर स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन और आरपीएफ/जीआरपी के उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी किया जाए, ताकि स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और रेलवे की छवि धूमिल करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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