पूर्व मंत्री आजम खां के खिलाफ ईडी ने एक और एफआईआर दर्ज की

रामपुर। जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ सपा नेता आजम खां की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लंबी पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आजम खां, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, एसएमएस इंटरप्राइजेज, एसएमएसके एसोसिएट समेत पांच लोगों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कराई है।
मामला जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में 416.14 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़ा बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईडी की लखनऊ जोनल टीम ने रामपुर के अजीमनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाए जाने की बात कही गई है।
ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बने भवनों की निर्माण लागत करीब 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई थी। वहीं, वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक के आयकर रिटर्न में करीब 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय दर्शाया गया। इन आंकड़ों के बीच लगभग 416.14 करोड़ रुपये का अंतर सामने आने का दावा किया गया है।
ईडी ने इस अंतर को कथित तौर पर अघोषित निर्माण खर्च से जोड़ते हुए निर्माण कार्य से जुड़े स्रोतों की जांच शुरू की है।
रिपोर्ट में यह भी आरोप है कि सपा शासनकाल में सरकारी ठेके हासिल करने वाले ठेकेदारों ने जौहर विश्वविद्यालय परिसर में निर्माण सामग्री और काम पहुंचाया। ईडी ने इस संबंध में भी जांच की है।
एक कंपनी के प्रबंध निदेशक के बयान का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2013-14 से 2016-17 के बीच करीब 186 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके कंपनी को मिले थे। ईडी के अनुसार, इन ठेकों की राशि का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा विश्वविद्यालय के निर्माण में लगाए जाने की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, आजम खां के खिलाफ दर्ज 71 मामले अभी विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं। इनमें 52 मामले मजिस्ट्रेट कोर्ट और 19 मामले सेशन कोर्ट में चल रहे हैं, जबकि 19 मामलों में फैसला आ चुका है।
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