1331 निवेशकों से 8.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी; ‘यहोवा यिरे’ क्रेडिट सोसाइटी के 12 लोगों पर मामला दर्ज

समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ वंदे भारत लाईव टीवी न्यूज:
ज्यादा रिटर्न (मुनाफे) का लालच देकर चंद्रपुर की ‘यहोवा यिरे अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी’ (बचत निधि लिमिटेड) द्वारा 1,331 निवेशकों से लगभग 8 करोड़ 59 लाख 95 हजार 838 रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। इस घटना से जिलेभर के हजारों निवेशकों में हड़कंप मच गया है।
सोसाइटी के ही एक एजेंट चंद्रकिशोर मांडवकर की शिकायत पर पुलिस ने रामनगर पुलिस स्टेशन में संस्था के सीईओ, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संचालकों समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ ‘वित्तीय संस्थानों में जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम 1999’ और ‘भारतीय न्याय संहिता 2023’ की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपी:
पुलिस द्वारा दर्ज मामले में निम्नलिखित 12 लोगों को नामजद किया गया है:
रमेश शामराव बोरकुटे (सीईओ – निवासी: वडगांव, चंद्रपुर)
सचिन हरदास पानघाटे (संस्थाध्यक्ष)
एलीजा रमेश बोरकुटे (उपाध्यक्ष – निवासी: वडगांव, चंद्रपुर)
अपेक्षा स्नेहदीप जोब (व्यवस्थापक – निवासी: ख्रिश्चन कॉलनी, चंद्रपुर)
अतुल सोपन बनसोड (संचालक)
दुर्गा गौरंग मंडल (संचालक)
वैशाली मधुकर बुच्चे (संचालक)
पल्लवी ऋषी वासेकर (संचालक)
तेजस्विता अनिल लोखंडे (संचालक)
प्रीती विनोद भिलकर (संचालक)
वैभव गुरुदेव चौधरी (संचालक)
विकास देवराव दुधबळे (संचालक)
धोखाधड़ी का तरीका (मोडस ऑपरेंडी):
लोभान्वित योजनाएं: सोसाइटी ने 26 दिसंबर 2023 को सीडीसीसी बैंक के पीछे अपना कार्यालय शुरू किया था।
लोगों को आकर्षित करने के लिए बचत खाता, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), टीडीएस टाइम डिपॉजिट, और कन्यादान जैसी कई लुभावनी योजनाएं शुरू की थीं। इसके प्रचार-प्रसार और पैसे जमा करने के लिए जिलेभर में एजेंट व फील्ड ऑफिसर नियुक्त किए गए थे।
मैच्योरिटी पर टालमटोल: मार्च 2024 में जब कई निवेशकों की जमा राशि की मैच्योरिटी (अवधि) पूरी हुई और उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो सोसाइटी के कर्मचारियों और संचालक मंडल ने पैसे देने से इनकार करते हुए आगे की तारीखें देना शुरू कर दिया। झूठा आश्वासन: संस्था के सीईओ रमेश बोरकुटे ने निवेशकों से 6 महीने का समय मांगा और आश्वासन दिया कि सभी के पैसे लौटा दिए जाएंगे।
हालांकि, समयसीमा बीत जाने के बाद भी एक भी निवेशक को उनका पैसा वापस नहीं मिला। ठगी का अहसास होने पर एजेंट चंद्रकिशोर नामदेव मांडवकर (जिनकी खुद की जमा पूंजी और महीनों का कमीशन मिलाकर 8 लाख 84 हजार 174 रुपये की ठगी हुई थी) ने रामनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
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