अगले 9 महीने पानी की कमी न हो, ऐसा नियोजन करो: जिलाधिकारी वान्मथी सी के निर्देश

समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
वर्धा जिले में इस साल औसत से काफी कम बारिश हुई है और भूजल स्तर भी काफी नीचे चला गया है। इस स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी वान्मथी सी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगले नौ महीने तक पीने के पानी और मवेशियों के लिए पानी की कमी न हो, इसका सख्ती से नियोजन किया जाए।
वर्धा और सेलू तालुका में जल संकट पर समीक्षा बैठक
जिलाधिकारी कार्यालय में वर्धा और सेलू तालुका में पानी की कमी के नियोजन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी *पराग सोमन*, उपविभागीय अधिकारी *कुश मोटवानी*, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता श्री बुरडे, तहसीलदार संदीप पुंडेकर, गटविकास अधिकारी समर्थ शेवाले सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
जिलाधिकारी ने कहा कि पीने के पानी के स्रोतों में उपलब्ध पानी को देखकर ही वितरण का नियोजन किया जाए। परिस्थिति के अनुसार एक दिन आड़ (एक दिन छोड़कर) या उससे भी अधिक अंतर पर पानी छोड़ने का नियोजन करें। नागरिकों में पानी बचत की आदत लगे और किफायत से पानी का इस्तेमाल हो, इसके लिए पानी वितरण के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।
अवैध नल कनेक्शन और मोटर पंप पर होगी जप्ती की कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि कई नागरिक घरेलू पानी का उपयोग करते समय नल पर मोटर पंप लगाकर पानी खींचते हैं और नदी पात्र से किसान अवैध रूप से पानी का उपयोग करते हैं। ऐसे नागरिकों पर तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश की जाए। अवैध रूप से इस्तेमाल किए जा रहे मोटर पंप और अन्य उपकरण जप्त करने की कार्रवाई की जाए।
जिले का चारा दूसरे जिले में न जाए – निर्देश
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जून महीने तक मवेशियों के लिए चारा पूरा पड़े, इसके लिए पानथल जमीन, गायरान जमीन, तालाब और जलस्रोत वाले स्थानों पर चारा उगाया जाए। जिले में उपलब्ध चारा दूसरे जिले में बेचा न जाए, इसका सभी ग्राम पंचायतें और संबंधित विभाग ध्यान रखें। अगर चारा बिक्री होते पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लघु पाटबंधारे विभाग को तालाबों का गहरीकरण करने की सूचना दी गई।
वनराई बंधारे और गेट दुरुस्ती के काम तुरंत शुरू करें – पराग सोमन
मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमन ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को कम से कम दो वनराई बंधारे, बंधारा दुरुस्ती और गेट दुरुस्ती के काम हाथ में लेने होंगे। रोजगार हमी योजना के तहत पानी टंचाई के काम और प्रत्येक गांव में कम से कम 100 जलतारा के काम हाथ में लिए जाएं। मुख्यमंत्री ग्राम समृद्ध अभियान के तहत पानी टंचाई के कामों को प्राथमिकता दी जाए। इस बैठक में वर्धा और सेलू तालुका की ग्राम पंचायतों का निहाय पानी टंचाई का आढावा लिया गया।
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