वादाखिलाफी पर भड़के किसान: भाकियू श्रमिक जनशक्ती का लखनऊ में हल्ला बोल, परिवर्तन चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर रोका, नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

वादाखिलाफी पर भड़के किसान: भाकियू श्रमिक जनशक्ती का लखनऊ में हल्ला बोल, परिवर्तन चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर रोका, नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ती के बैनर तले किसानों और ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों एवं स्थानीय समस्याओं को लेकर राजधानी की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कमलेश यादव के आह्वान पर आयोजित परिवर्तन चौक से जीपीओ हजरतगंज तक प्रस्तावित पैदल मार्च को पुलिस प्रशासन ने परिवर्तन चौक मेट्रो स्टेशन के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। आगे बढ़ने से रोके जाने पर किसान वहीं धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हल्ला बोल प्रदर्शन किया।
बाद में नगर मजिस्ट्रेट को 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। चार माह पुराने आश्वासन पर कार्रवाई न होने से आक्रोश
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि करीब चार माह पूर्व बीकेटी तहसील में हुए धरने के दौरान जिलाधिकारी द्वारा समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया गया था।
आरोप है कि चार माह बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी वादाखिलाफी से नाराज होकर किसानों को दोबारा सड़क पर उतरना पड़ा।
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख 8 मांगें
* डीएपी खाद की समयबद्ध आपूर्ति: रबी सीजन में किसानों को खाद संकट से बचाने के लिए पर्याप्त उर्वरक तुरंत उपलब्ध कराए जाएं। * बिजली और पानी का संकट: फसलों की सिंचाई के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति और नहरों-नलों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था हो।
* बाढ़ व जलभराव का मुआवजा: लखनऊ के प्रभावित इलाकों का निष्पक्ष सर्वे कराकर किसानों और नागरिकों को तुरंत राहत राशि दी जाए। * सरसवां ग्राम पंचायत का विकास: उप-स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत भवन की बाउंड्री वॉल बनवाई जाए, परिसर में गंदगी/गोबर डालने पर रोक लगे और जर्जर रास्ते-नालियां दुरुस्त हों।
* चरागाह की जमीन कब्जामुक्त हो: सरसवां में प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा कथित तौर पर कब्जाई गई चरागाह भूमि की जांच कर उसे खाली कराया जाए। * पहाड़पुर में जमीन कब्जा मामला: न्याय पंचायत पहाड़पुर के पीड़ित किसान की भूमि पर जबरन कब्जे की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।
* गोसाईंगंज चकमार्ग प्रकरण: मोहनलालगंज के गोसाईंगंज में रियल एस्टेट परियोजनाओं द्वारा सरकारी चकमार्ग बंद करने की शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और मार्ग बहाल किया जाए। * अमेठी गांव का भू-घोटाला: ग्राम अमेठी के खसरा संख्या 557 में 9,382 वर्गफुट खरीद के सापेक्ष 17,250 वर्गफुट जमीन बेचे जाने के गंभीर आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
संगठन ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
धरना-प्रदर्शन में राष्ट्रीय, प्रदेश और विभिन्न जनपदों से आए पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय नेतृत्व से राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कमलेश यादव, उपाध्यक्ष अनिल कुमार शुक्ला व हामिद अली, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अभिषेक यादव, राष्ट्रीय सचिव मो० कैफ और राष्ट्रीय प्रभारी समीर मौजूद रहे।
वहीं प्रदेश अध्यक्ष विश्वदीप सिंह टोनी, हरीश दुबे, कुलदीप यादव सहित महिला प्रकोष्ठ की ममता, किरण राजपूत, आरती रावत और बाराबंकी, कन्नौज, फर्रुखाबाद से आए प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। संगठन के नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर तय समयसीमा के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसान आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
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