धार( सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड) जिले के पीथमपुर में इन दिनों पत्रकारिता की मौजूदा कार्यप्रणाली को लेकर ललित मकवाना ने तीखी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज कुछ पत्रकार ऐसे हैं, जो पैसे के प्रभाव में आकर गलत को भी सही साबित करने में पीछे नहीं हटते।
जहां पैसा मिलता है, वहां सच्चाई और निष्पक्षता को दरकिनार कर दिया जाता है। ललित मकवाना का कहना है कि पीथमपुर में उन्हें ऐसा पत्रकार नजर नहीं आता, जो बिना किसी दबाव और स्वार्थ के आम जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाए और सच के लिए आवाज बुलंद करे।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पत्रकारिता ही धनबल के प्रभाव में आ जाएगी, तो आम आदमी की आवाज कौन बनेगा? पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्ता, प्रशासन और प्रभावशाली लोगों से सवाल करना है, न कि उनके हितों के अनुरूप खबरों को पेश करना।
बड़ा सवाल: क्या पीथमपुर में निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए जगह बची है, या फिर पैसे का प्रभाव पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भारी पड़ रहा है?