
अंबेडकर नगर अलग-अलग स्थानों पर आग लगने से करीब सवा पांच बीघा गेहूं की फसल जल गई। साथ ही एक छप्परनुमा घर व उसमें रखी गृहस्थी भी राख हो गई। इसके अलावा झाड़ियों व बांस की कोठ में आग लगने की घटनाएं हुईं।
इनमें कुछ जगह को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर स्थानों पर ग्रामीणों ने ही आग पर काबू पाया।
अकबरपुर के फूलपुर गांव में रामनयन और राम आशीष शर्मा के खेत में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। देखते ही देखते गेहूं की फसल तेजी से जलने लगी। ग्रामीणों ने लपटें उठती देखकर शोर मचाया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने दमकलकर्मियों को सूचना देकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। ट्यूबवेल चलाकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पांच बीघा गेहूं की फसल जल चुकी थी।
जलालपुर के गंजा रोशनगढ़ गांव के मुख्य मार्ग पर मंगलवार सुबह 11 बजे के करीब झाड़ियों से अचानक आग की लपटें निकले लगीं। ग्रामीण शोर मचाते आग से अपनी गेहूं की फसल बचाने के लिए दौड़ पड़े और बाल्टी व डिब्बे लेकर आग बुझाने में जुट गए। आधे घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग की लपटें शांत होने पर लोगोंं ने चैन की सांस ली। किसान दिनेश, सुरेश कुमार, सुधीर वर्मा ने बताया कि यदि समय रहते आग बुझाई न जाती तो सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जल जाती। आग बुझने के बाद दमकल वाहन वहां पहुंचा। वहीं रतना डिहवा निवासी राधेश्याम यादव के खेत में सोमवार को शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें पांच बिस्वा गेहूं जल गया।
महरुआ के हुसैनपुर गांव में सोमवार 4:30 बजे अरविंद हरिजन के घर में अज्ञात कारण से आग लग गई। गनीमत रही की मौके पर घर में कोई मौजूद नहीं था। आग की लपटें निकलते देख घर से कुछ दूरी पर मौजूद अरविंद ने गुहार लगाई। जब तक ग्रामीण घर में लगी आग पर काबू पाते तब तक घर में रखा घरेलू सामान व अनाज जलकर राख हो गया।
इसके अलावा सम्मनपुर के पहेतिया गांव की कोठ में सुबह आग की लपटें निकले लगीं। हवा तेज चल रही थी। ग्रामीणों को डर था कि कहीं आग की लपटें गेहूं की फसल को अपनी चपेट में न ले लें। आग की सूचना पर दमकल वाहन भी पहुंचा और आग पर काबू पाया।