

औद्योगिक शांति भंग करने और श्रमिकों को झूठे प्रलोभन व धमकियों के जरिए उकसाकर जबरन काम बंद करवाने के मामले में थाना सुहेला पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र कुकूरदी में स्वयं को मजदूर यूनियन अध्यक्ष बताकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वाले आरोपी दिलीप वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी द्वारा 12 जनवरी 2026 को थाना सुहेला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि आरोपी दिलीप वर्मा अपने अन्य साथियों के साथ संगठित रूप से संयंत्र से जुड़े संविदा श्रमिकों को डराने-धमकाने, झूठे प्रलोभन देने और जबरन मुख्य द्वार पर एकत्रित कर औद्योगिक शांति भंग कर रहा था। आरोपी द्वारा श्रमिकों को काम करने से रोकते हुए अवैध रूप से पैसों की वसूली भी की जा रही थी। मना करने पर चक्काजाम करने और जान से मारने की धमकी तक दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सुहेला में अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संगठित अपराध से जुड़ी धाराओं 61(2)ख, 308(4), 126(2), 351(3), 190, 191(2), 111(3) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के कुशल निर्देशन में थाना सुहेला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दिलीप वर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित रूप से अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद आरोपी को दिनांक 17 जनवरी 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण इस प्रकार है—
दिलीप वर्मा, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम खम्हरिया, थाना तिल्दा नेवरा, जिला रायपुर।
फिलहाल पुलिस प्रकरण की गहन विवेचना में जुटी हुई है तथा आरोपी के साथ संगठित रूप से अपराध कारित करने वाले अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस की इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में सख्त संदेश गया है।

