
आईजीआरएस रिपोर्ट पर उठे सवाल: जांच में हटाई गई प्लाटिंग, लेकिन उसी जमीन पर जारी रजिस्ट्रियां!
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पंकज चौबे
शोहरतगढ़,
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे खुनुवा में अवैध प्लाटिंग का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत संख्या 40018426001069 के संबंध में प्रशासन द्वारा दिए गए जवाब में दावा किया गया कि मौके की जांच कर अवैध प्लाटिंग को हटवा दिया गया है और अब वहां कोई अवैध गतिविधि नहीं हो रही है। लेकिन सामने आए एक विभागीय पत्र ने इस पूरे मामले पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त पत्र के अनुसार, शिकायत की जांच के दौरान यह स्वीकार किया गया कि ग्राम खुनुवा, तहसील शोहरतगढ़ में संबंधित गाटा संख्या 313 में प्लाटिंग के संबंध में जेसीबी (JCB) के द्वारा मौके पर की गयी गई अबैध प्लाटिंग को हटवा दिया गया है इतना ही नहीं, पत्र में यह भी उल्लेख है कि उक्त भूमि अन्तर्गत धारा -80 एवं यूपीआरसी-2006 आकृषक व जिला पंचायत से अनुमति व नक्सा पास कराये बिना प्लाटिंग और कॉलोनी का कार्य किया जाना नियम विरुद्ध पाया गया। इसके चलते संबंधित व्यक्ति को यह कहा गया धारा 80,जिला पंचायत से अनुमति एवम नक्सा पास कराने के उपरांत ही प्लाटिग आदि कार्य किया जाय अन्यथा की दशा मे विधिक कार्यवाही के सम्बन्ध मे रिपोर्ट प्रेषित कर दी जायेगी। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस प्लाटिंग को कागजों में हटाया हुआ दर्शाया गया और जिसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई, उसी भूमि पर आज भी धड़ल्ले से रजिस्ट्रियां जारी हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि अवैध प्लाटिंग समाप्त हो चुकी थी तो फिर रजिस्ट्रियां किस आधार पर हो रही हैं? और यदि कार्रवाई की संस्तुति की जा रही है तो अब तक दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आरोप है कि भ्रामक रिपोर्टों के जरिए उच्चाधिकारियों को गुमराह किया गया, जिससे भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हुए और सीमा क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग का खेल लगातार जारी रहा। भारत-नेपाल सीमा जैसे संवेदनशील इलाके में नियमों को ताक पर रखकर की जा रही प्लाटिंग न केवल राजस्व नियमों की अनदेखी है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में वास्तविक कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।






