

कटनी
स्लीमनाबाद क्षेत्र में लंबे समय से पशुओं की तस्करी का सिलसिला जारी है रोज बड़ी संख्या में वाहनों में ठूंस ठूंसकर इन्हें बाहरी राज्यों और जिलों में भेजा जा रहा है। क्षेत्र में जारी पशु तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अब तक स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस पहल नहीं की, यही वजह है की बिना रोकटोक तस्कर अपने काम को अंजाम दे रहे है। विगत दिवस क्षेत्र से कुछ इसी तरह भेड़ बकरियों एवं अन्य पशुओं की तस्करी करते हुए वाहन कैमरे में कैद हुआ। वाहन में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि किस तरह से बकरियों को ट्रक में ठूंस ठूंस कर भरा गया है।स्थानीय लोगों के अनुसार, तस्कर ग्रामीण इलाकों से बीमार और रोगी बकरियों को कौड़ियों के दाम पर खरीद लेते हैं। साथ ही किसी मेडिकल जांच या वैध कागज के उन्हें ट्रकों में लादकर बाहर सप्लाई कर दिया जाता है।
पशुओं की दुर्दशा के साथ-साथ ग्रामीणों की बकरियां भी चोरी हो रही हैं। कई बकरी पालकों ने स्लीमनाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, पर आज तक एक भी बकरी बरामद नहीं हो सकी।
ग्रामीणों का आरोप है कि तस्करी की सूचना कई बार पुलिस को दी जा चुकी है, फिर भी तस्करों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शून्य है। लोगों का कहना है कि यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा है और खुले आम फल-फूल रहा है।
भेड़-बकरियों को चारा-भूसे की तरह वाहनों में ठूंसा जा रहा, जिससे रास्ते में ही कई पशुओं की मौत हो जाती है। सस्ते दामों में बीमार बकरियां खरीदकर बिना स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के दूसरे राज्यों में बेची जा रही। जिन पालकों की बकरियां चोरी हुईं, उनकी एफआईआर तो दर्ज हुई पर रिकवरी अब तक नहीं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि स्लीमनाबाद क्षेत्र में नाकाबंदी कर तस्करी पर रोक लगाई जाए और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा किया जाये ।
इस संबंध में स्लीमनाबाद एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने कहा की क्षेत्र से हो रही पशु तस्करी की सूचनाएं पुलिस को मिली है। तस्करों को पकड़ने के प्रयास किएजा रहे है।
कटनी ब्यूरो चीफ सुरेन्द्र कुमार शर्मा
नित नई ख





