भगवान श्रीकृष्ण के स्वागत में दुल्हन की तरह सजा भक्तिधाम मनगढ़

भगवान श्रीकृष्ण के स्वागत में दुल्हन की तरह सजा भक्तिधाम मनगढ़: मध्यरात्रि होगा कान्हा का प्राकट्य, महाअभिषेक के बाद बंटेगा छप्पन भोग!!
एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान, तीन प्रवेश द्वारों से होगा प्रवेश- चप्पे-चप्पे पर रहेंगी पुलिस की निगरानी!!
प्रतापगढ़: कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्तिधाम मनगढ़ में तैयारियां पूरी हो गई हैं। जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की तपोभूमि को दुल्हन की तरह सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक विद्युत सज्जा, फूलों की खुशबू और ठाकुर जी के भव्य श्रृंगार से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा है। जन्माष्टमी पर देश-विदेश से करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। भक्तिधाम मनगढ़ में जन्माष्टमी का उल्लास चरम पर है। मंदिर परिसर में राधे-राधे और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साक्षी बनने के लिए उत्साहित हैं। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा मुख्य मंदिर: जन्माष्टमी उत्सव को लेकर भक्तिधाम के मुख्य मंदिर की विशेष सजावट की गई है। मंदिर की आकर्षक नक्काशी पर पड़ती रंग-बिरंगी एलईडी लाइटें इसकी भव्यता को और बढ़ा रही हैं। जगह-जगह झाड़-फानूस लगाए गए हैं। रात में रोशनी से नहाया मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर प्रशासन के अनुसार ठाकुर जी के विशेष श्रृंगार और सजावट में प्राकृतिक व सुगंधित फूलों के साथ विदेशी फूलों का भी प्रयोग किया गया है। मंदिर परिसर में जगह-जगह सजावटी व्यवस्था की गई है, जिससे जन्माष्टमी की रात भक्तिधाम का नजारा और भी मनोहारी होगा। एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान: जन्माष्टमी के अवसर पर भक्तिधाम मनगढ़ में इस बार करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही विदेशों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण की विशेष योजना तैयार की है। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के लिए बड़ी संख्या में सेवादार और वालंटियर लगाए गए हैं। अलग-अलग स्थानों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर: भारी भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है। मंदिर के प्रवेश द्वार, परिसर के अंदरूनी हिस्सों और मेला क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ महिला पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं। पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों और भीड़ के बीच होने वाली किसी भी अव्यवस्था पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। तीन गेट से होगा श्रद्धालुओं का प्रवेश: पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के मुताबिक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए तीन प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। भीड़ अधिक बढ़ने की स्थिति में प्रवेश द्वारों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एक साथ अत्यधिक संख्या में श्रद्धालु परिसर में प्रवेश न कर सकें। प्रशासन का प्रयास है कि भीड़ को नियंत्रित करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम तरीके से दर्शन कराया जाए। प्रवेश और निकास व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। एडीजी व एसपी ने परखी सुरक्षा व्यवस्था: जन्माष्टमी मेले को लेकर अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। शुक्रवार सुबह एडीजी प्रयागराज ज्योति नारायण और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर भक्तिधाम मनगढ़ पहुंचे। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और आसपास के स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था परखी। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। पानी और स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था: बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया है। परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्राथमिक उपचार के स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए हैं। किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। आधी रात होगा श्रीकृष्ण का प्राकट्य: जन्माष्टमी का सबसे भावुक और आध्यात्मिक क्षण मध्यरात्रि में आएगा। रात 12 बजे शंख और घंटियों की गूंज के बीच भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद ठाकुर जी का विधिविधान से महाअभिषेक होगा। महाअभिषेक में दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल समेत विभिन्न पूजन सामग्री का प्रयोग किया जाएगा। महाअभिषेक के बाद भगवान की भव्य आरती होगी। जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं को विशेष छप्पन भोग का प्रसाद वितरित किया जाएगा। मनगढ़ धाम में जन्माष्टमी को लेकर भक्ति और आस्था का माहौल अपने चरम पर है। मंदिर की भव्य सजावट, कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ से पूरा धाम कृष्णमय नजर आ रहा है। प्रशासन के सामने जहां लाखों की आस्था को सुरक्षित संभालने की चुनौती है, वहीं श्रद्धालुओं में आधी रात होने वाले कान्हा के प्राकट्य और महाअभिषेक को लेकर विशेष उत्साह है।
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