
दरभंगा, 02 दिसंबर 2025—आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे समय में, जब आम जनता महंगी चिकित्सा व्यवस्था से जूझ रही है, तब आयुष्मान कार्ड निर्माण में देरी न केवल प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाती है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी चिंता का विषय है जो बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए इस योजना पर निर्भर हैं।
इसी पृष्ठभूमि में जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक महत्वपूर्ण साबित होती है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक तथा प्रखंड स्तर के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की गई और स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कार्ड निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए।
बैठक में यह तथ्य सामने आया कि ऑपरेटर आईडी अनएक्टिवेटेड होने के कारण कार्य बाधित हो रहा था। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल सभी आईडी एक्टिवेट करने को कहा तथा प्रतिदिन 10 हज़ार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य दिया। साथ ही, सभी सक्रिय आईडी से प्रतिदिन न्यूनतम 10 कार्ड निर्माण अनिवार्य किया गया है।
तथ्य यह भी है कि 22 नवंबर से 02 दिसंबर 2025 तक मात्र 14,919 कार्ड बनाए गए, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी कम है। यह स्पष्ट संकेत है कि सिस्टम में कहीं न कहीं ढिलाई और संसाधनों का अप्रभावी संचालन हो रहा है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग़ौर करने वाली बात यह है कि जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया, ताकि पात्र लाभार्थियों को ससमय योजना का लाभ मिल सके। यह कदम ग्रामीण वंचित तबके को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
निष्कर्षतः, आयुष्मान कार्ड केवल एक प्लास्टिक का कार्ड नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के लिए जीवन रक्षा का कवच है। इस कार्य में देरी असहनीय है और प्रशासन का यह सख्त रुख स्वागत योग्य है। अब समय है कि सभी संबंधित अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी समझते हुए लक्ष्य प्राप्ति हेतु ईमानदार प्रयास करें।























