A2Z सभी खबर सभी जिले की

बांदा और चित्रकूट की जेलों में भी थे मुख्तार के ‘हमदर्द बंदी’, सुपुर्दे खाक के समय की मगफिरत की दुआ

बांदा व चित्रकूट जेल में मुख्तार के गाजीपुर में सुपुर्दे खाक होने के वक्त मुस्लिम बंदियों ने मगफिरत के लिए दुआ की। अल्लाह से कहा कि उसके गुनाहों को माफ कर जन्नत ले जा।

बांदा और चित्रकूट की जेलों में भी थे ‘हमदर्द बंदी’, सुपुर्दे खाक के स

बांदा व चित्रकूट जेल में भी मुख्तार के सुपुर्दे खाक होने के वक्त मुस्लिम बंदियों ने मगफिरत की अल्लाह से दुआ की है।
बांदा जेल में मुख्तार अंसारी लंबे समय तक रहा वर्ष 2016 में आने के बाद कुछ दिनों के लिए पंजाब गया और फिर वापस बांदा जेल आ गया।
जेल के बंदी उसे बेहद पसंद करते थे।
वजह यह थी की वह रमजान जैसे पर्व पर गरीब बंदियों की मदद करता था।

इसी प्रकार चित्रकूट जेल में उसका बेटा अब्बास और बहू पत्नी निखत रही।
वहां भी जेल के बंदी इनके प्रति हमदर्दी रखते थे।
सूत्र बताते हैं कि दोनों जेलों में मुख्तार के गाजीपुर में सुपुर्दे खाक होने के वक्त मुस्लिम बंदियों ने मगफिरत के लिए दुआ की। अल्लाह से कहा कि उसके गुनाहों को माफ कर जन्नत ले जा। हालांकि बांदा के जेल अधिकारी इस बात से इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्तार के सुपुर्दे खाक कार्यक्रम को बंदी टीवी पर ही देखते रहे।

Back to top button
error: Content is protected !!