NRHM घोटाला: पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव गिरफ्तार, विजिलेंस का शिकंजा

अजीत मिश्रा (खोजी)
एनआरएचएम (NRHM) घोटाला: पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव गिरफ्तार, विजिलेंस का शिकंजा
- लखनऊ: एनआरएचएम घोटाले में पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव गिरफ्तार, आय से अधिक संपत्ति का है मामला
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में हुई करोड़ों रुपये की धांधली, जिसे एनआरएचएम (NRHM) घोटाले के नाम से जाना जाता है, उसमें बड़ी कार्रवाई करते हुए सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance) ने पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस टीम ने उन्हें लखनऊ के वेव मॉल से हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी मुख्य रूप से आय से अधिक संपत्ति के एक मामले (मु0अ0सं0-11/2023) में की गई है। जांच में पाया गया कि पूर्व विधायक ने अपने कार्यकाल (06.03.2012 से 11.03.2017) के दौरान अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की थी। यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध है।
एनआरएचएम घोटाले की तीन अलग-अलग FIR
मुकेश श्रीवास्तव पर एनआरएचएम घोटाले से संबंधित तीन अन्य गंभीर मुकदमे भी दर्ज हैं, जिनमें विजिलेंस की जांच जारी है:
- FIR सं. 07/2026 (श्रावस्ती): वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच श्रावस्ती जनपद में एनआरएचएम के तहत हुई व्यापक अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप।
- FIR सं. 08/2026 (बलरामपुर): वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच बलरामपुर जनपद में वित्तीय हेराफेरी का मामला। यहां बिना काम कराए या केवल आंशिक कार्य दिखाकर भुगतान हड़पने के आरोप हैं। 2021 में शिकायतों के बाद विजिलेंस जांच शुरू हुई थी।
- FIR सं. 08/2025 (गोंडा): जनपद गोंडा में एनआरएचएम के तहत हुई वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित मामला।
क्या है पूरा मामला?
एनआरएचएम घोटाले के इन मामलों में आरोप है कि मुकेश श्रीवास्तव की संलिप्तता से सरकारी ठेकों और निर्माण कार्यों में बड़े स्तर पर धांधली की गई। बिना काम किए भुगतान निकालने के इस खेल में तत्कालीन सीएमओ (CMO) समेत कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं। वर्ष 2021 में बलरामपुर में मिली शिकायतों के बाद विजिलेंस ने गहन जांच शुरू की थी, जिसके बाद शासन की अनुमति से मुकदमे दर्ज किए गए और अब साक्ष्य संकलन के आधार पर पूर्व विधायक की गिरफ्तारी की गई है।
सतर्कता विभाग के अनुसार, आरोपित के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
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