कप्तानगंज पुलिस का ‘वसूली गैंग’: सुविधा शुल्क न देने पर सिपाही ने दी फर्जी केस में फंसाने की धमकी

अजीत मिश्रा (खोजी)
खाकी का ‘अवैध वसूली’ का खेल: सिपाही की दबंगई से डरे ग्रामीण, सुविधा शुल्क न देने पर फर्जी केस में जेल भेजने की धमकी
- ‘सुविधा शुल्क लाओ वरना जेल जाओ’: सिपाही की अवैध मांग से थर्राया पीड़ित, जनसुनवाई पर लगाई न्याय की गुहार
- अवैध वसूली का कनेक्शन: पुलिस-अपराधियों का गठजोड़ उजागर, कार्रवाई की मांग
कप्तानगंज (बस्ती): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों के बीच कप्तानगंज थाने में तैनात एक सिपाही की करतूतों ने पुलिस महकमे की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वर्दी का रौब दिखाकर अवैध वसूली करने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहां गड़हा गौतम स्थित एक ढाबे को केंद्र बनाकर जबरन वसूली का खेल चल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत (संख्या: 92618500021880) के अनुसार, कप्तानगंज थाने में तैनात सिपाही पंकज सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित मनोज तिवारी ने शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा है कि सिपाही द्वारा उनसे अवैध रूप से 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है।
आरोप है कि यदि पीड़ित रकम देने में असमर्थता जताता है, तो उसे फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की खुलेआम धमकी दी जाती है। इस धमकी से पीड़ित परिवार भारी दहशत में है और न्याय की गुहार लगा रहा है।
ढाबे से चल रहा वसूली का धंधा
सूत्रों की मानें तो यह पूरा खेल गड़हा गौतम स्थित एक ढाबे से संचालित हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस अवैध वसूली के साम्राज्य में अकेले सिपाही ही नहीं, बल्कि बाहरी लोगों का भी हाथ है। शिकायतकर्ता ने ‘विधायक’ नामक व्यक्ति का नाम लेते हुए कहा है कि वह इस अवैध वसूली के धंधे में सिपाही का मुख्य सहयोगी है। पुलिस की आड़ में आम नागरिकों का शोषण करने वाला यह ‘कॉकटेल’ प्रशासन की नाक के नीचे पनप रहा है।
न्याय की आस में जनसुनवाई का सहारा
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, जनसुनवाई पोर्टल पर यह शिकायत ‘लंबित’ दिखाई दे रही है।
सवाल ये उठता है कि:
- क्या एक सिपाही का काम लोगों की सुरक्षा करना है या ढाबों पर बैठकर वसूली करना?
- ’विधायक’ नाम का यह शख्स कौन है जिसे पुलिस का संरक्षण प्राप्त है?
- क्या कप्तानगंज थाना पुलिस अपने ही विभाग के इस ‘भ्रष्ट सिपाही’ पर कार्रवाई करने का साहस जुटा पाएगी?
आम जनता अब प्रशासन के सख्त रुख का इंतजार कर रही है। यदि समय रहते ऐसे तत्वों पर लगाम नहीं कसी गई, तो वर्दी पर लगा यह दाग पुलिस की छवि को पूरी तरह धूमिल कर देगा।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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