Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
इतवा

बस्ती PWD का ‘भ्रष्टाचार का किला’: 27 साल से जमे अधिकारी की पत्नी की फर्म और 65 लाख के लेन-देन पर मचा हड़कंप

13 Jun 2026, 08:34 PM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
IMG 20260606 133056 803

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती PWD में भ्रष्टाचार का गढ़: 27 साल से एक ही कुर्सी पर ‘जमे’ अधिकारी के कारनामों की खुली पोल

  • PWD कार्यालय में ‘मौन सहमति’ का खेल: 27 साल से जमे अधिकारी पर शासन को रिपोर्ट भेजने में मुख्य अभियंता की देरी क्यों?
  • बस्ती PWD का काला चिट्ठा: प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी की फर्म और बैंक खातों के लेन-देन पर उठे गंभीर सवाल
  • स्थानांतरण नीति का मजाक: 27 साल से बस्ती PWD पर कुंडली जमाए बैठे अधिकारी की अब होगी उच्च-स्तरीय जांच?

बस्ती: लोक निर्माण विभाग (PWD) बस्ती के वृत्त कार्यालय में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक प्रशासनिक अधिकारी पिछले 27 वर्षों से एक ही मण्डल में जमे हुए हैं। विभाग के बाबू से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक का उनका सफर एक ही कार्यालय के इर्द-गिर्द सिमटा रहा है। अब अपना दल (एस) के प्रदेश सचिव संजय सिंह पगार ने इस अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए भ्रष्टाचार का ‘काला चिट्ठा’ सार्वजनिक किया है।Screenshot 20260613 181027

​सत्ता के गलियारों में ‘पकड़’ का खेल

​आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी प्रेमचन्द्र पिछले ढाई दशक से भी अधिक समय से बस्ती में तैनात हैं। इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती न केवल प्रशासनिक नियमों के विपरीत है, बल्कि विभागीय पारदर्शिता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। आरोप है कि अपनी ‘ऊँची पहुँच’ के दम पर प्रेमचन्द्र ने न केवल अपने तबादले रुकवाए, बल्कि विभागीय कार्यों में अपनी जड़ें इतनी मजबूत कर लीं कि सरकारी फाइलों और ई-टेण्डरिंग की गोपनीयता तक उनके इशारों पर नाचने लगी।सरकारी सेवा नियमावली के अनुसार, किसी भी लोक सेवक का एक निश्चित अवधि के बाद स्थानांतरण अनिवार्य है ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन प्रेमचन्द्र का मामला इससे इतर है। बाबू से लेकर प्रशासनिक अधिकारी के पद तक, प्रेमचन्द्र की लगभग 90 प्रतिशत सेवा बस्ती वृत्त कार्यालय में ही बीती है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि उन्होंने अपनी ‘ऊँची पहुंच’ का इस्तेमाल कर न केवल तबादले रुकवाए, बल्कि विभागीय गोपनीय फाइलों और ई-टेण्डरिंग की प्रक्रियाओं पर भी अपना एकाधिकार जमा लिया।FB IMG 1781364875419

​पत्नी की फर्म और 65 लाख का ‘खेला’

​इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू ‘मेसर्स बुद्धा इंटरप्राइजेज’ का है। यह फर्म अधिकारी की पत्नी श्रीमती सीमा के नाम पर है, जिसका पता गांधी नगर, बस्ती दर्ज है। दस्तावेजों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में इस फर्म के बैंक खाते में 65 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। सवाल यह है कि एक प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी की फर्म के पास इतना बड़ा धन कहाँ से आया? क्या यह ठेकेदारों से अनुचित लाभ का हिस्सा है? संजय सिंह पगार का स्पष्ट आरोप है कि प्रेमचन्द्र ने अपने पद का दुरुपयोग कर चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुँचाया और बदले में अपनी पत्नी की फर्म को ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का जरिया बनाया।जांच की मांग के केंद्र में एक फर्म है—मेसर्स बुद्धा इंटरप्राइजेज। यह फर्म अधिकारी की पत्नी श्रीमती सीमा के नाम पर गांधी नगर, बस्ती के पते पर पंजीकृत है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस फर्म का उपयोग कथित तौर पर अधिकारी द्वारा ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ और ठेकेदारों से अनुचित लाभ लेने के लिए किया जा रहा है।

  • बैंक खाते की हकीकत: पिछले तीन वर्षों के दौरान इस फर्म के खाते में लगभग 65 लाख रुपये का भारी-भरकम लेन-देन हुआ है।
  • सवाल: एक प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी की फर्म के पास इतनी बड़ी धनराशि किन स्रोतों से आई? क्या यह विभाग में होने वाले ‘सेटिंग-गेटिंग’ का परिणाम है? इस कड़ी की उच्च स्तरीय जांच के बिना सत्य सामने आना मुश्किल है।

​मुख्य अभियंता की ‘चुप्पी’ पर उठे सवाल

​भ्रष्टाचार की इन शिकायतों के बावजूद कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। शासन ने जब इन आरोपों पर मुख्य अभियंता आनंद कुमार से रिपोर्ट मांगी, तो एक महीने से अधिक बीत जाने के बाद भी फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी गई। यह सुस्ती विभागीय मिलीभगत की ओर इशारा करती है। 31 मई की समय-सीमा बीत चुकी है और अब शासन ने इसे 30 जून तक बढ़ा दिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर ‘रिपोर्ट’ दबाकर बैठे अधिकारियों का इरादा साफ है—भ्रष्ट अधिकारी को बचाने की कवायद।शासन ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मुख्य अभियंता, बस्ती, आनंद कुमार को एक रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया था। लेकिन, एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट गायब है। इस देरी ने विभागीय मिलीभगत की आशंकाओं को पुख्ता कर दिया है।

31 मई तक स्थानांतरण की समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी, अब इसे 30 जून तक बढ़ाया गया है।

अब देखना यह है कि क्या मुख्य अभियंता विभाग की गरिमा बनाए रखते हुए रिपोर्ट शासन को भेजेंगे, या फिर ‘सांठ-गांठ’ के खेल में इस फाइल को फिर से दबा दिया जाएगा?

ठेकेदारों और कर्मचारियों का ‘दोहन’

संजय सिंह पगार ने पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया है कि प्रेमचन्द्र द्वारा ठेकेदारों और विभाग के कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। आरोप है कि:

  • ई-टेण्डरिंग में खेल: चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने के लिए गोपनीय सूचनाएं लीक की जाती हैं।
  • दस्तावेजों में फेरबदल: समय-समय पर सरकारी अभिलेखों में हेरफेर करने की शिकायतें जनप्रतिनिधियों द्वारा पूर्व में भी दर्ज कराई गई हैं।
  • आलीशान जीवनशैली: बस्ती में दशकों से तैनात रहकर उन्होंने लखनऊ में एक आलीशान मकान का निर्माण किया है, जो उनकी सरकारी आय के ज्ञात स्रोतों से मेल नहीं खाता है।

​प्रशासन से की गई कड़ी मांग

संजय सिंह पगार ने शासन से आग्रह किया है कि:

  • आरोपी अधिकारी प्रेमचन्द्र का तत्काल बस्ती से स्थानांतरण किया जाए।
  • सतर्कता विभाग (Vigilance) से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • उनकी पत्नी की फर्म, बुद्धा इंटरप्राइजेज के वित्तीय स्रोतों का ऑडिट हो।

बस्ती में यह मुद्दा अब एक बड़ा जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। यदि इन आरोपों की समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह विभाग की साख पर एक बड़ा धब्बा होगा। प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है, जिसका जवाब अब आम जनता और जनप्रतिनिधि मांग रहे हैं।

क्या अब जागेगा शासन?

​प्रेमचन्द्र ने बस्ती में जमे रहकर लखनऊ में आलीशान मकान खड़ा कर लिया है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक प्रतीत होता है। अब प्रश्न यह है कि क्या शासन अपनी ही फाइलों में धूल फांक रही शिकायतों पर गौर करेगा? अपना दल (एस) की मांग है कि प्रेमचन्द्र का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण हो और विजिलेंस (सतर्कता विभाग) द्वारा इस पूरे 65 लाख के साम्राज्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

बस्ती की जनता और व्यवसायी वर्ग अब इस मामले में त्वरित कार्रवाई की बाट जोह रहे हैं। यदि शासन ने इस ‘चेहरे’ को नहीं हटाया, तो सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी का दावा केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

Vande Bharat Live TV NewsVande Bharat Live TV News
Ambedkar Nagar16 Sep

दरगाह नई बस्ती क्षेत्र में सड़क किनारे मिला 60 वर्षीय महिला का शव

जिला संवाददाता अंगद यादव अम्बेडकरनगर बसखारी थाना क्षेत्र अंतर्गत किछौछा दरगाह नई बस्ती स्थित बैठका रोड पर बुधवार…

पूरी खबर पढ़ें →
महराजगंज में PDA जन पंचायत, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्षश्यामलाल पाल ने भाजपा पर साधा निशाना।
Mahrajganj16 Sep

महराजगंज में PDA जन पंचायत, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्षश्यामलाल पाल ने भाजपा पर साधा निशाना।

महराजगंज। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल बुधवार को महराजगंज पहुंचे। यहां आयोजित PDA जन पंचायत में…

पूरी खबर पढ़ें →
थाना चरखारी पुलिस टीम द्वारा अवैध तमंचा व जिन्दा कारतूस के साथ 01 नफर अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार।
Mahoba16 Sep

थाना चरखारी पुलिस टीम द्वारा अवैध तमंचा व जिन्दा कारतूस के साथ 01 नफर अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार।

पुलिस अधीक्षक महोबा श्री शशांक सिंह के कुशल निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक महोबा श्रीमती वन्दना सिंह…

पूरी खबर पढ़ें →
🔥 गाजीपुर में काजू एक्सपोर्ट प्लांट में भीषण आग, 32 टन RCN जलकर राख, करीब 2 करोड़ का नुकसान! बिजली आने के बाद तीनों ड्रायर मशीनें एक साथ चालू होने से शॉर्ट सर्किट की आशंका, 40 मिन
error: Content is protected !!