टीबी उन्मूलन को गति देने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आयोजित


राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत आज एमटीसी सभागार में सहिया, बीटीटी, एसटीएस, एसटीएलएस एवं टीबी हेल्थ विजिटर्स (टीबीएचवी) के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य समुदाय स्तर पर टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान (प्रिजम्प्टिव टीबी केस खोज), समय पर जांच, उपचार तथा जनभागीदारी को सुदृढ़ कर टीबी मुक्त भारत अभियान को गति प्रदान करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा एवं जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रेखा कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति में सहिया, क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों एवं सामुदायिक स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक प्रिजम्प्टिव टीबी मरीज की समय पर पहचान एवं जांच सुनिश्चित कर संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।
प्रशिक्षण सत्र में राज्य से आए स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर (निक्षय मित्र पहल), श्री दीपक ठक्कर ने प्रतिभागियों को टीबी रोग के लक्षण, जांच प्रक्रिया, उपचार, संपर्क अन्वेषण, उपचार अनुपालन तथा सामुदायिक सहभागिता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत प्रतिमाह ₹1,000 की पोषण सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही निक्षय मित्र पहल एवं पोषण पोटली के माध्यम से मरीजों को अतिरिक्त पोषण एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों को टीबी मुक्त भारत ऐप के उपयोग, उसके उद्देश्य एवं लाभों की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक नागरिकों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों का टीबी मुक्त भारत ऐप पर स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण भी कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान कुल 175 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सक्रिय टीबी खोज अभियान के तहत 75 व्यक्तियों की डिजिटल चेस्ट एक्स-रे स्क्रीनिंग की गई तथा आवश्यकता के अनुसार बलगम के नमूने जांच हेतु एकत्र किए गए।
जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री कौशलेंद्र कुमार सिंह ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक प्रिजम्प्टिव टीबी मरीजों की पहचान सुनिश्चित करें, उनके बलगम के नमूने जांच हेतु उपलब्ध कराएं तथा उपचाराधीन मरीजों की नियमित निगरानी करें। उन्होंने पंचायत स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने, सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने एवं अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत बनाने हेतु समन्वित प्रयास करने का भी आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसटीएलएस ओमप्रकाश पासवान, संजय कुमार, बीरचंद्र ठाकुर, नौशाद आलम अंसारी, संजय जायसवाल, राजेश कुमार, सरिता कुमारी, राधा कुमारी, मजहर अंसारी, राजदेव महाराज, रवीश कुमार, वीरेंद्र कुमार, जयकांत कुमार, राकेश कुमार, मनोवर आलम, तनवीर आलम सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी एवं विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों एवं समुदाय से अपील की है कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में निःशुल्क जांच कराएं तथा टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर टीबी मुक्त धनबाद एवं टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






