Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
Ranchi

सरना धर्म कोड नहीं तो जनगणना नहीं, जनगणना नहीं तो परिसीमन नहीं’: आदिवासी छात्र संघ

29 Aug 2026, 04:35 PM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
ChatGPT Image Jul 17 2026 10 52 32 PM

रांची। आदिवासी छात्र संघ केंद्रीय समिति ने सरना धर्म कोड लागू करने और परिसीमन के विरोध को लेकर आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। शनिवार को रांची प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि आदिवासी समुदाय की अलग धार्मिक पहचान को जनगणना में दर्ज करने के लिए अलग धर्म कोड आवश्यक है।IMG 20260829 WA0040

संघ के प्रवक्ता सह केंद्रीय संयोजक डॉ. सुशील कुमार मिंज ने कहा कि 1951 की जनगणना में आदिवासी धर्म कोड को हटाए जाने के बाद आदिवासी आबादी की वास्तविक संख्या प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग धर्म कोड के अभाव में आदिवासी आबादी को अन्य धर्मों की श्रेणी में शामिल किया जा रहा है, जिससे आदिवासियों की जनसंख्या का वास्तविक आंकड़ा सामने नहीं आ पा रहा है।

आदिवासी छात्र संघ ने कहा कि देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन धर्मावलंबियों के लिए अलग पहचान दर्ज की जाती है, उसी प्रकार प्रकृति पूजक आदिवासी समुदाय के लिए सरना धर्म कोड लागू किया जाना चाहिए। संघ ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से इसकी मांग की है।

परिसीमन से जोड़ा धर्म कोड का मुद्दा

संघ के नेताओं ने धर्म कोड और परिसीमन के बीच सीधा संबंध बताते हुए कहा कि आदिवासी जनसंख्या के वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आने से राजनीतिक और संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। संघ ने दावा किया कि धर्म कोड और परिसीमन के मुद्दे को लेकर वह वर्ष 2001 से सरना प्रार्थना सभा के साथ आंदोलन कर रहा है।

संघ ने कहा कि आगामी जनगणना में सरना धर्म कोड का प्रावधान नहीं किए जाने की स्थिति में वह जनगणना और परिसीमन दोनों के बहिष्कार का आह्वान करेगा।

गुमला से शुरू होगी महारैली

आदिवासी छात्र संघ ने घोषणा की कि 18 सितंबर 2026 को गुमला से धर्म कोड लागू कराने और परिसीमन के विरोध में महारैली अभियान की शुरुआत की जाएगी। संघ ने संसद में परिसीमन विधेयक पारित किए जाने के विरोध की भी बात कही।

वहीं, 13 और 14 सितंबर को रांची के मोराबादी मैदान में ऑल इंडिया ट्राइबल कल्चर कार्यक्रम आयोजित होने की जानकारी दी गई। संघ के अनुसार, इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आदिवासी प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान सरना धर्म कोड और परिसीमन के मुद्दे पर व्यापक सहमति बनाने की बात कही गई।

संघ ने आगे देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी देते हुए भारत बंद और आर्थिक नाकेबंदी जैसे कार्यक्रम किए जाने की बात कही। 4 अक्टूबर 2026 को रांची के मोराबादी मैदान में महारैली आयोजित करने की घोषणा भी की गई।

असम के आदिवासियों की पहचान का मुद्दा भी उठाया

संवाददाता सम्मेलन में संघ ने असम के चाय बागानों में काम करने वाले आदिवासी समुदाय की पहचान का मुद्दा भी उठाया। नेताओं ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में आदिवासियों की पहचान आज भी ‘चाय मजदूर’ के रूप में सीमित है और उन्हें आदिवासी जनजाति की पहचान का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है।

संघ ने पांचवीं और छठी अनुसूची के तहत आदिवासियों को मिले संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी मांग की।

संवाददाता सम्मेलन में जतरु उरांव, सुरेश टोप्पो, अमृत मुंडा, बादल भोगता, सुजीत भगत, प्यारू उरांव, अखिलेश पाहन समेत अन्य लोग मौजूद थे।

— डॉ. सुशील कुमार मिंज

प्रवक्ता सह केंद्रीय संयोजक, आदिवासी छात्र संघ केंद्रीय समिति

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

डोडियाना में बाबा रामदेवजी की भव्य भजन संध्या जारी, भजनों पर झूम रहे श्रद्धालु
Nagaur22 Sep

डोडियाना में बाबा रामदेवजी की भव्य भजन संध्या जारी, भजनों पर झूम रहे श्रद्धालु

डोडियाना। बाबा रामदेव मंदिर डोडियाना में बाबा रामदेवजी की भव्य भजन संध्या एवं सत्संग का आयोजन जारी है।…

पूरी खबर पढ़ें →
डोडियाना में बाबा रामदेवजी की भव्य भजन संध्या जारी, भजनों पर झूम रहे श्रद्धालु
Nagaur22 Sep

डोडियाना में बाबा रामदेवजी की भव्य भजन संध्या जारी, भजनों पर झूम रहे श्रद्धालु

डोडियाना। बाबा रामदेव मंदिर डोडियाना में बाबा रामदेवजी की भव्य भजन संध्या एवं सत्संग का आयोजन जारी है।…

पूरी खबर पढ़ें →
error: Content is protected !!