कुदरा में नदी पार करते समय बड़ा हादसा, 17 वर्षीय युवक की डूबने से मौत

कुदरा में नदी पार करने के दौरान हादसा, 17 वर्षीय युवक की डूबने से मौत
दूसरे युवक को ग्रामीणों ने सुरक्षित बचाया, लगातार बारिश से दुर्गावती-कर्मनाशा नदी का बढ़ा हुआ है जलस्तर; रास्ता बंद नहीं किए जाने पर प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
कुदरा/कैमूर। कुदरा थाना क्षेत्र में नदी पार करने के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। कुदरा बाजार से खरीदारी कर घर लौट रहे दो युवक गहरे पानी में चले गए, जिसमें 17 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। वहीं दूसरे युवक को मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे के बाद रामपुर गांव में मातम पसरा हुआ है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, कुदरा थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी विनोद साह का 17 वर्षीय पुत्र विवेक कुमार अपने साथी राम एकबाल के पुत्र गोलू के साथ कुदरा बाजार गया था। दोनों खरीदारी करने के बाद वापस अपने गांव रामपुर लौट रहे थे। इसी दौरान कुदरा से रामपुर जाने वाले रास्ते में श्रमदान से बनी पुलिया को पार करते समय दोनों अचानक गहरे पानी में चले गए।
गहरे पानी में जाने से मचा हड़कंप
दोनों युवकों के पानी में डूबने की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने विवेक कुमार को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं गोलू को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसकी हालत को देखते हुए उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। विवेक की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, बड़ी संख्या में लोग उसके घर पहुंचने लगे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
लगातार बारिश से बढ़ा हुआ है नदी का जलस्तर
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण दुर्गावती और कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। नदी और आसपास के जलमग्न रास्तों में पानी का बहाव तेज होने के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसके बावजूद नदी पार करने वाले रास्ते को पूरी तरह बंद करने या लोगों को खतरे से आगाह करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि संवेदनशील स्थान पर लाल कपड़े से घेराव, बांस-बल्ला या अन्य अवरोध लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया होता, तो लोगों को खतरे का अंदाजा हो सकता था और संभवतः यह हादसा टाला जा सकता था।
प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी और पुलिया के आसपास पानी का स्तर बढ़ने की जानकारी प्रशासन को रहती है। ऐसे में खतरनाक रास्तों को चिह्नित कर वहां बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड अथवा अन्य सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे स्थानों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार से उचित मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
परिवार को मुआवजे की मांग
17 वर्षीय विवेक कुमार की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार एवं प्रशासन से मृतक के आश्रित परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कम उम्र में युवक की मौत से परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की क्षति हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि बरसात के दौरान नदी, पुलिया और जलमग्न रास्तों का निरीक्षण कर जोखिम वाले स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
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