कुड्डी गांव में अकीदत व एहतेराम के साथ मनाया गया हज़रत हजारी शाह साबरी का सालाना उर्स पाक
चांद/कैमूर। कैमूर जिले के चांद प्रखंड अंतर्गत कुड्डी गांव में बुधवार को सूफी संत हज़रत हजारी शाह साबरी रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स पाक बड़े अकीदत और एहतेराम के साथ मनाया गया। उर्स में शामिल होने के लिए चांद प्रखंड के विभिन्न गांवों के अलावा दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में जायरीन कुड्डी गांव पहुंचे।
उर्स के अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक माहौल बना रहा। जायरीनों ने दरगाह पर पहुंचकर अकीदत के साथ चादरपोशी और फातिहा ख्वानी की तथा मुल्क और समाज में अमन-चैन, खुशहाली एवं भाईचारे के लिए दुआ मांगी। उर्स में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से गांव में दिनभर चहल-पहल बनी रही।
कार्यक्रम में चांद प्रखंड के समाजसेवी एवं मुखिया प्रतिनिधि बबलू सिंह की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने उर्स में शामिल होकर सूफी संत के मजार पर श्रद्धा अर्पित की और क्षेत्र में आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की कामना की।
उर्स के आयोजन में खादिम हाजी डॉ. रुस्तम अंसारी, अनवारुल अंसारी, बाबू अली अंसारी, साजिद अली अंसारी, आरिफ अंसारी, जाहिद, साहिद, अमन, आशिफ, अनीस और सुहैल अंसारी समेत स्थानीय लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन में गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे जायरीनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उर्स के दौरान जायरीनों ने सूफी संत हज़रत हजारी शाह साबरी रहमतुल्लाह अलैह की शिक्षाओं और उनके बताए इंसानियत, प्रेम, भाईचारे तथा सद्भाव के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। आयोजन में पहुंचे लोगों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में आपसी प्रेम, एकता और सौहार्द को मजबूत करने का काम करते हैं।
कुड्डी गांव में आयोजित इस सालाना उर्स पाक में हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचे। देर तक लोगों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। स्थानीय लोगों ने बाहर से आने वाले जायरीनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग किया। उर्स शांतिपूर्ण एवं श्रद्धापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।