हाईकोर्ट के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल को सख्त निर्देश, DJ पर प्रतिबंध सिर्फ कागजों पर नहीं, सख्त कार्रवाई करो

समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
डीजे और साउंड सिस्टम के तेज शोर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा है कि डीजे पर प्रतिबंध केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका कड़ाई से पालन करवाया जाए और नियम तोड़ने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सिर्फ नागपुर शहर तक सीमित न रहे, बल्कि हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विदर्भ के सभी 10 जिलों में नियमों को सख्ती से लागू किया जाए।
*क्या है पूरा मामला?*
ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे को लेकर त्रिमूर्तिनगर मंडल की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में एक याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील तुषार मंडलेकर ने कोर्ट को बताया कि नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने हाल ही में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत डीजे, साउंड सिस्टम और ध्वनि प्रदूषण पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी की है।
*प्रतिबंध के बावजूद बज रहे हैं डीजे*
वकील मंडलेकर ने कोर्ट में वीडियो सबूत और अखबारों की खबरें पेश करते हुए दावा किया कि अधिसूचना जारी होने के बावजूद दहीहंडी और मारबत जुलूस के दौरान बड़े पैमाने पर डीजे बजाए गए। उन्होंने दलील दी कि सिर्फ आदेश निकालने से प्रशासन की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि आदेश का पालन हो रहा है या नहीं।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान कानों को फाड़ देने वाले शोर से नागरिकों के स्वास्थ्य और शांति पर बुरा असर पड़ रहा है। तय डेसिबल सीमा का उल्लंघन करने वाले डीजे और डॉल्बी सिस्टम को जब्त कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार कर लिया।
*कोर्ट ने दिए कार्रवाई के आदेश*
सुनवाई के दौरान मारबत उत्सव में डीजे बजने का वीडियो भी कोर्ट के सामने पेश किया गया। वीडियो देखने के बाद कोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन का संज्ञान लेते हुए संबंधित आयोजकों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही नियम तोड़ने वाले डीजे और डॉल्बी सिस्टम को जब्त करने की कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
*15 दिन में रिपोर्ट पेश करने का आदेश*
कोर्ट ने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिया है कि ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ यह मुहिम सिर्फ नागपुर तक सीमित न रखी जाए, बल्कि विदर्भ के 10 जिलों में भी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। अगले 15 दिनों के भीतर इस संबंध में की गई प्रभावी कार्रवाई की रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करने के आदेश दिए गए हैं।
इस मामले में नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल को 22 सितंबर तक शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते आने वाले त्योहारों के मद्देनजर नागपुर सहित पूरे विदर्भ में डीजे और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।
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