सहारनपुर में वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 3 शातिर गिरफ्तार — चोरी की 9 मोटरसाइकिलें बरामद, चेसिस-इंजन नंबर मिटाकर पहचान छिपाने का खेल!

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सरसावा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नशे की लत पूरी करने के लिए बाइक चोरी करने का पुलिस पूछताछ में दावा — सरसावा, सदर बाजार, चिलकाना से लेकर हरियाणा तक चोरी का आरोप, ₹6 से ₹8 हजार में ग्रामीण इलाकों में बेचते थे कथित चोरी की बाइकें


सहारनपुर। थाना सरसावा पुलिस ने वाहन चोरी की लगातार सामने आ रही घटनाओं का खुलासा करते हुए कथित वाहन चोर गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही पर कुल 9 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी नकुड़ के निकट पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी प्रवेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में 13 सितंबर 2026 को संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग के दौरान की गई। पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों नितिन कुमार उर्फ रोहित फौजी पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी ग्राम झबीरण, थाना सरसावा, वंश उर्फ राजा पुत्र धर्मेन्द्र निवासी ग्राम गदरहेड़ी, थाना सरसावा तथा गौरव पुत्र मदन निवासी ग्राम झबीरण, थाना सरसावा को नकुड़–सरसावा मार्ग पर हाईवे पुल के नीचे से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर बंद पड़े पुराने ईंट-भट्ठे के खंडहरों में छिपाकर रखी गई 9 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जिनमें दो बाइक पूर्व में दर्ज चोरी के मुकदमों से संबंधित बताई गई हैं, जबकि सात अन्य मोटरसाइकिलों को अलग-अलग स्थानों से चोरी किया जाना बताया गया है। मामले की शुरुआत उन शिकायतों से जुड़ी है जिनमें 7 सितंबर 2026 को ग्राम मानकमऊ निवासी प्रवेश की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल UP11 CW6743 चोरी होने के संबंध में थाना सरसावा में मुकदमा दर्ज कराया गया था, जबकि दूसरी घटना में 24 जुलाई 2026 को ग्राम इब्राहिमी निवासी मुकेश कुमार की प्लेटिना मोटरसाइकिल UP11 BD9896 चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई थी। पुलिस के अनुसार इन दोनों मामलों की विवेचना क्रमशः उपनिरीक्षक देवकरण शर्मा और उपनिरीक्षक अतुल कुमार द्वारा की जा रही थी। गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद संबंधित मुकदमों में धारा 3(5), 317(2) और 317(5) BNS की वृद्धि किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। बरामद मोटरसाइकिलों में कई स्प्लेंडर प्लस, सुपर स्प्लेंडर और प्लेटिना बाइक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर UP11 CY3752, दूसरी का UP11 CM6593, तीसरी का UP11 AC0031, चौथी का UP11 CW6743, एक सुपर स्प्लेंडर का नंबर HR02U1654 और एक अन्य स्प्लेंडर प्लस का नंबर UP11 G9371 बताया गया है। इसके अलावा एक प्लेटिना और एक अन्य स्प्लेंडर मोटरसाइकिल के इंजन तथा चेसिस नंबर घिसे हुए पाए गए, जिससे पुलिस को आशंका है कि पहचान छिपाने के लिए उनमें छेड़छाड़ की गई होगी। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे तीनों नशे के आदी हैं और कथित तौर पर नशे की लत पूरी करने के लिए मोटरसाइकिल चोरी करते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूछताछ में थाना सरसावा, सदर बाजार, चिलकाना क्षेत्र, हरियाणा और अन्य स्थानों से मौका देखकर मोटरसाइकिल चोरी करने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक कथित चोरी की मोटरसाइकिलों को ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 6 से 8 हजार रुपये में बेचने का काम किया जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर यह भी बताया कि उन्होंने सरसावा स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास से एक स्प्लेंडर और PGI पिलखनी अस्पताल से एक प्लेटिना मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके अलावा अलग-अलग थाना क्षेत्रों से अन्य मोटरसाइकिलें चोरी करने की बात भी पुलिस पूछताछ में सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार कुछ मोटरसाइकिलों के चेसिस और इंजन नंबर घिसकर मिटाने की कोशिश की गई, ताकि वाहनों की पहचान मुश्किल हो सके। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने यह भी बताया कि लगभग तीन-चार दिन पहले तेलीपुरा ठेके के पास चाबी लगी खड़ी मोटरसाइकिल भी चोरी की गई थी। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के समय भी आरोपी कथित चोरी की मोटरसाइकिलों में से कुछ को किसी ग्रामीण व्यक्ति को बेचने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस टीम ने उन्हें पकड़ लिया। इस कार्रवाई से पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद नौ मोटरसाइकिलों के अलावा इस गिरोह ने कितने और वाहन चोरी किए हैं तथा चोरी के वाहनों को खरीदने और बेचने में कौन-कौन लोग शामिल हैं। खास तौर पर जिन वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर घिसे मिले हैं, उनकी वास्तविक पहचान और मूल मालिकों का पता लगाने के लिए पुलिस द्वारा रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। पुलिस की जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि चोरी की बाइकें किन रास्तों से दूसरे क्षेत्रों में ले जाई जाती थीं और ग्रामीण इलाकों में उन्हें खरीदने वाले लोगों तक कैसे पहुंचाया जाता था। पुलिस ने बरामदगी को वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे में महत्वपूर्ण सफलता बताया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रवेश कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक देवकरण शर्मा, उपनिरीक्षक रविंद्र कसाना, कांस्टेबल दुर्गेश कुमार, दीपक कुमार, राहुल कुमार और सचिन कुमार शामिल रहे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और पुलिस के अनुसार उन्हें समय से माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। अब पुलिस की जांच का अगला फोकस कथित गिरोह के अन्य संभावित साथियों, चोरी की मोटरसाइकिलों के खरीदारों और उन स्थानों पर है जहां से बाकी वाहनों की चोरी की गई हो सकती है। सरसावा पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर वाहन चोरी के नेटवर्क पर बड़ा सवाल खड़ा किया है—क्या नौ मोटरसाइकिलों की बरामदगी के पीछे चोरी की इससे भी बड़ी श्रृंखला छिपी है और क्या पुलिस की आगे की जांच में इस गिरोह से जुड़े अन्य नाम भी सामने आएंगे? इसका जवाब आने वाले दिनों में पुलिस की विवेचना और बरामद वाहनों के सत्यापन के बाद सामने आएगा।
✍️ विशेष रिपोर्ट: एलिक सिंह
📍 ब्यूरो प्रमुख: हलचल इंडिया न्यूज़ / वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़, सहारनपुर
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