बारिश ने कानपुर को नैनीताल बना दिया

बिना टिकट नैनीताल बना कानपुर: मूसलाधार बारिश ने खोली ड्रेनेज सिस्टम की पोल, सड़कों पर 'नाव' चलाने की नौबत
कानपुर: शहर में बीते चौबीस घंटों से जारी झमाझम बारिश ने कानपुर वासियों को बिना कोई टिकट या लंबा सफर तय किए 'नैनीताल' की सैर करा दी है। फर्क सिर्फ इतना है कि वहां पहाड़ों के बीच प्राकृतिक झीलें हैं और यहां शहर के वीआईपी इलाकों से लेकर तंग गलियों तक जलभराव से बनी 'तालाब नुमा' सड़कें।
लगातार हुई बारिश के बाद माल रोड, गुमटी नंबर 5, काकादेव, गोविंदनगर और किदवई नगर जैसे प्रमुख इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। कई निचले इलाकों में तो पानी लोगों के ड्राइंग रूम और दुकानों के अंदर तक जा पहुंचा है।
जहां रोज गाड़ियां रेंगती थीं, वहां अब वाहन हिचकोले खाते और बंद होते नजर आ रहे हैं। कई चौराहों पर स्थानीय लोग एक-दूसरे की बंद गाड़ियां धक्का मारकर निकालते दिखे।
सोशल मीडिया पर भी कानपुर के इस नए 'हिल स्टेशन' अवतार पर जमकर मीम्स और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। कोई जलभराव वाली सड़क पर चप्पू चलाने की बात कर रहा है, तो कोई नगर निगम को धन्यवाद देते हुए लिख रहा है—“पहाड़ों पर जाने का बजट बच गया, घर के बाहर ही ताल-तलैया हाजिर है।”
बारिश ने जहां चिलचिलाती उमस और गर्मी से राहत दी है, वहीं नगर निगम के मानसून पूर्व जल निकासी के तमाम बड़े दावों को भी बहा दिया है।
पंपिंग स्टेशनों के चालू होने के दावों के बावजूद कई घंटों तक मुख्य मार्गों से पानी नहीं उतर सका, जिससे घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक-दो दिन बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, जिसका मतलब है कि कानपुरियों को फिलहाल इस 'शहरी झील महोत्सव' से राहत मिलने के आसार कम ही हैं।
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