प्रेस्टीज इंडस्ट्रियल एंड एजुकेशनल ग्रुप के संस्थापक पद्मश्री डॉ. नेमनाथ जैन का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

🔴 तेजकुमार जारवाल
जिला रिपोर्टर | इंदौर
वंदे भारत LIVE TV NEWS
इंदौर के प्रख्यात उद्योगपति, शिक्षाविद और प्रेस्टीज इंडस्ट्रियल एंड एजुकेशनल ग्रुप के संस्थापक पद्मश्री डॉ. नेमनाथ जैन का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से प्रदेश के औद्योगिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. नेमनाथ जैन भारत के सोयाबीन और एडिबल ऑयल उद्योग के प्रमुख अग्रदूतों में से एक माने जाते थे। भारत में 'सोया क्रांति' लाने और इंदौर को देश का प्रमुख औद्योगिक व शैक्षणिक केंद्र बनाने में उनका अतुलनीय योगदान रहा।
विभाजन के दर्द से सफलता के शिखर तक
डॉ. नेमनाथ जैन का जन्म और शुरुआती जीवन अविभाजित भारत के रावलपिंडी (अब पाकिस्तान) में बीता था। सन् 1947 में देश के विभाजन के समय उन्हें अपना सब कुछ छोड़कर इंदौर आना पड़ा। शुरुआती दौर में कड़े संघर्षों और चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी दूरदर्शिता व मेहनत के बल पर व्यापार में अपनी पहचान बनाई।
'सोया क्रांति' के जनक और प्रेस्टीज ग्रुप की नींव
इंदौर में बसने के बाद उन्होंने कृषि-उद्योग (Agro-Industry) के क्षेत्र में अपार संभावनाएं देखीं। उन्होंने प्रेस्टीज ग्रुप की स्थापना की और सोयाबीन प्रोसेसिंग उद्योग की नींव रखी।
सोयाबीन उद्योग: उन्होंने भारत में सोयाबीन तेल और सोया मील के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जिसके कारण मध्य प्रदेश को देश की 'सोया स्टेट' के रूप में पहचान मिली।
शिक्षा क्षेत्र में योगदान: औद्योगिक सफलता के साथ-साथ उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझा और प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (PIMR) सहित कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की, जो आज मध्य भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में गिने जाते हैं।
राष्ट्रीय सम्मान और सामाजिक सरोकार
व्यापार, उद्योग और समाज सेवा में उनके उत्कृष्ट और अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया था।
वे जीवन भर विभिन्न व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और धर्मार्थ कार्यों से जुड़े रहे। अपनी सादगी, अनुशासन और दूरदर्शी सोच के लिए वे युवाओं और नए उद्यमियों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
विभिन्न क्षेत्रों से व्यक्त की गई संवेदनाएं
डॉ. जैन के निधन पर प्रदेश के प्रमुख राजनेताओं, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने उनके निधन को इंदौर और पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
"डॉ. नेमनाथ जैन का जाना इंदौर के एक युग का अंत है। शून्य से शिखर तक का उनका सफर हर पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक रहेगा।"
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






